कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ में दर्दनाक हादसा: वेंकटपुरा नदी में डूबकर 8 लोगों की मौत

Sun 24-May-2026,10:32 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ में दर्दनाक हादसा: वेंकटपुरा नदी में डूबकर 8 लोगों की मौत North Kannada Accident
  • वेंकटपुरा नदी में 8 लोगों की डूबने से दर्दनाक मौत. 

  • अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव से हुआ हादसा. 

  • रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, लापता लोगों की तलाश तेज. 

Karnataka / Uttar Kannada :

Uttar Kannada / कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। भटकल तालुक के शिराली इलाके में वेंकटपुरा नदी के किनारे सीपियां इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे में सात महिलाएं भी शामिल थीं, जिससे पूरे गांव में मातम का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, कुल 14 लोग रोजमर्रा की तरह नदी किनारे सीपियां और शंख इकट्ठा करने गए थे। यह वहां की स्थानीय परंपरा और आजीविका का हिस्सा माना जाता है। लेकिन इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और तेज बहाव ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। कई लोग पानी के तेज बहाव में बह गए और स्थिति बेहद भयावह हो गई।

कुछ लोगों ने दूसरों को बचाने के लिए पानी में छलांग भी लगाई, लेकिन तेज धारा के कारण वे भी फंस गए। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है और स्थानीय लोग भी इसमें मदद कर रहे हैं। वहीं चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूरे क्षेत्र में गहरा शोक है और परिजन सदमे में हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।

प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश तेज कर दी है और नदी क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। यह हादसा एक बार फिर नदियों के बढ़ते जलस्तर और सुरक्षा उपायों की कमी की गंभीर याद दिलाता है।