बिहार राजनीति: तेजस्वी यादव ने सुरक्षा लौटाई, लालू परिवार बनाम सरकार में बढ़ा तनाव

Sat 06-Jun-2026,10:34 AM IST +05:30

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बिहार राजनीति: तेजस्वी यादव ने सुरक्षा लौटाई, लालू परिवार बनाम सरकार में बढ़ा तनाव Bihar Politics
  • लालू परिवार और तेजस्वी यादव ने सुरक्षा लौटाई. 

  • सरकार पर विपक्ष को कमजोर करने का आरोप. 

  • बिहार राजनीति में सुरक्षा विवाद से तनाव बढ़ा. 

Bihar / Patna :

Patna / बिहार में इन दिनों सत्ता और विपक्ष के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। हाल ही में राज्य की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम तब देखने को मिला जब राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी सरकारी सुरक्षा लौटा दी। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 में सुरक्षा समीक्षा के दौरान तेजस्वी यादव की Z श्रेणी सुरक्षा को घटाकर Y प्लस कर दिया गया था। तब से वे Y प्लस सुरक्षा घेरे में रह रहे थे। लेकिन अब माता-पिता द्वारा सुरक्षा लौटाए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा वापस कर दी है। बताया जा रहा है कि उनकी सुरक्षा में तैनात जवान पटना लौट चुके हैं, जबकि तेजस्वी यादव फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं।

राजद के इस कदम को राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यह फैसला सरकार द्वारा की गई सुरक्षा कटौती के विरोध में लिया गया है। राजद नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई है और इसका उद्देश्य विपक्ष को कमजोर करना है।

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लालू परिवार की सुरक्षा में जानबूझकर कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में तेजस्वी यादव के वाहन को टक्कर मारी गई थी, इसके बावजूद सुरक्षा कम करना सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि विपक्ष को दबाने की कोशिश है। उनके अनुसार पहले आवास विवाद और अब सुरक्षा कटौती के जरिए विपक्ष को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रहा है और विपक्ष को खत्म करने की राजनीति कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम का असर बिहार की राजनीति पर आने वाले समय में देखने को मिल सकता है। सुरक्षा लौटाने का यह कदम न केवल प्रतीकात्मक है, बल्कि यह सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ती खाई को भी दर्शाता है।

कुल मिलाकर यह मामला अब केवल सुरक्षा व्यवस्था का नहीं रह गया है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों और तर्कों के साथ आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं।