बिलासपुर में खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई, चार दुकानें सील
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बिलासपुर में खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, चार दुकानों को सील कर 21 दिनों तक बिक्री पर रोक लगाई गई।
खरीफ सीजन में बढ़ती मांग के बीच प्रशासन सतर्क, किसानों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई।
Bilaspur/ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में उर्वरक की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार खाद दुकानों को सील कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण खाद की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है।
जिला प्रशासन की उड़नदस्ता टीम ने तखतपुर ब्लॉक और गनियारी क्षेत्र में स्थित खाद दुकानों की जांच की, जहां बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। मेसर्स किसान सेवा केंद्र, तखतपुर में मशीन रिकॉर्ड के अनुसार 750 बोरी यूरिया दर्ज थी, लेकिन मौके पर केवल 550 बोरी ही उपलब्ध पाई गई। करीब 200 बोरी यूरिया का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं मिलने से गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
इसी प्रकार मेसर्स अमन कृषि केंद्र, गनियारी में भी स्टॉक और रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया। मशीन में 1679 बोरी यूरिया दर्ज थी, जबकि वास्तविक स्टॉक इससे काफी कम था। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दुकानों में भंडारण और वितरण से जुड़े रजिस्टर अपडेट नहीं थे, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का उल्लंघन है।
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने दोनों दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और 21 दिनों तक खाद की बिक्री पर रोक लगा दी। इससे पहले 8 अप्रैल को मस्तूरी ब्लॉक के जोंधरा क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, जहां दो अन्य दुकानों में गड़बड़ी पाई गई थी।
संभागीय संयुक्त संचालक आरके राठौर ने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर 07752-470814 जारी किया गया है, जहां किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जिले में वर्तमान में 184 निजी खाद विक्रेता और 75 सहकारी समितियां सक्रिय हैं। आंकड़ों के अनुसार, कुल खाद स्टॉक का लगभग 38.71% निजी दुकानदारों के पास है। खरीफ सीजन की तैयारी के चलते खाद की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ गई है।
सहकारी समितियों के पास 14,406 मीट्रिक टन और निजी विक्रेताओं के पास 5,577 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। अब तक कुल मिलाकर 1,109 मीट्रिक टन खाद की बिक्री हो चुकी है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी नियमित जांच अभियान जारी रहेगा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और खाद की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।