मथुरा में ‘फरसे वाले बाबा’ की मौत से बवाल: हाईवे जाम, पथराव, ड्राइवर की भी मौत

Sat 21-Mar-2026,04:26 PM IST +05:30

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मथुरा में ‘फरसे वाले बाबा’ की मौत से बवाल: हाईवे जाम, पथराव, ड्राइवर की भी मौत Mathura Violence News
  • बाबा की मौत के बाद मथुरा में हिंसा और बवाल.

  • हाईवे जाम, पथराव में कई लोग घायल.

  • ट्रक ड्राइवर की भी इलाज के दौरान मौत.

Uttar Pradesh / Mathura :

Mathura / मथुरा में ‘फरसे वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध गौ-रक्षक चंद्रशेखर की मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। ईद के मौके पर हुई इस घटना ने कानून-व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा थाना कोसीकलां क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास हुआ, जहां बाबा चंद्रशेखर अपनी टीम के साथ एक संदिग्ध ट्रक का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद गुस्साए समर्थकों और गौरक्षकों में भारी आक्रोश फैल गया। हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और आगरा-दिल्ली हाईवे को जाम कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों पर पथराव किया, जिसमें पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, लेकिन कुछ समय तक स्थिति पूरी तरह काबू से बाहर रही।

इसी बीच एक और दुखद खबर सामने आई कि ट्रक ड्राइवर मोहम्मद खुर्शीद, जो राजस्थान के अलवर का रहने वाला था, उसकी भी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना के बाद बाबा के समर्थकों ने ट्रक का पीछा किया और पथराव किया, जिसमें ड्राइवर और खलासी घायल हो गए थे।

मामले को लेकर एसपी श्लोक कुमार का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बाबा ने संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की थी, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार ट्रक में किराने का सामान मिला है और अब तक गौ-तस्करी के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

बाबा चंद्रशेखर के अंतिम संस्कार को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी रही। प्रशासन द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही उनके अनुयायी अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और बरसाना समेत आसपास के इलाकों में सघन नाकाबंदी कर दी गई है।

फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश थी। ईद के दिन हुई इस घटना ने सामाजिक संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है। प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, वहीं इलाके में हालात धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश जारी है।