भारत करेगा ब्रिक्स शहरीकरण फोरम की मेजबानी: समावेशी और सतत शहर विकास पर होगी चर्चा

Mon 01-Jun-2026,11:14 PM IST +05:30

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भारत करेगा ब्रिक्स शहरीकरण फोरम की मेजबानी: समावेशी और सतत शहर विकास पर होगी चर्चा Brics Urban Forum 2026
  • भारत में 13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम का आयोजन. 

  • स्मार्ट सिटी और सतत विकास पर होगी चर्चा. 

  • ब्रिक्स देशों के विशेषज्ञ और मंत्री होंगे शामिल. 

Delhi / Delhi :

Delhi / भारत 11–12 जून को नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम की मेजबानी करने जा रहा है, जिसे देश की शहरी नीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। केंद्रीय आवासन और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस फोरम की थीम “लोगों के लिए शहर: समावेशी और लचीले शहरी भविष्य के लिए ब्रिक्स सहयोग” रखी गई है। यह विषय भारत के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें शहरों के विकास, योजना और शासन के केंद्र में आम नागरिक को रखा जाता है।

इस फोरम में ब्रिक्स सदस्य देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, शहरी विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर हिस्सा लेंगे। चर्चा का मुख्य फोकस सतत शहरी विकास, स्मार्ट सिटी मॉडल, जलवायु परिवर्तन, शहरी आवास, परिवहन व्यवस्था और नगर सेवाओं की बेहतर उपलब्धता जैसे विषयों पर रहेगा। भारत इस मंच पर अपने अनुभव और नीतिगत मॉडल साझा करेगा, जिससे अन्य देशों को भी लाभ मिल सके।

मनोहर लाल ने बताया कि यह आयोजन 2026 में भारत की अध्यक्षता में होने वाले बड़े ब्रिक्स सम्मेलन की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के “मानवता सबसे पहले” के विजन से प्रेरित है, जिसमें विकास को लोगों के जीवन स्तर सुधारने का माध्यम माना गया है।

भारत के लिए यह फोरम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसने पहले भी 2013, 2016 और 2021 में इसकी मेजबानी की है। हर बार इस मंच पर शहरी विकास से जुड़े नए विचार और रणनीतियों पर चर्चा हुई है। 2013 में इसकी शुरुआत नई दिल्ली में हुई थी, जबकि 2016 में विशाखापत्तनम और 2021 में वर्चुअल माध्यम से इसका आयोजन हुआ था।

इस बार का फोरम ऐसे समय में हो रहा है जब ब्रिक्स देशों में तेजी से शहरीकरण हो रहा है, लेकिन साथ ही आवास की कमी, जलवायु जोखिम, ट्रैफिक दबाव और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में यह मंच साझा समाधान और सहयोग की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।