पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार: 35 विधायकों ने ली शपथ, 41 मंत्रियों की नई टीम तैयार

Mon 01-Jun-2026,02:09 PM IST +05:30

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पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार: 35 विधायकों ने ली शपथ, 41 मंत्रियों की नई टीम तैयार West Bengal News
  • पश्चिम बंगाल में 35 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ. 

  • मंत्रिमंडल का विस्तार कर 41 मंत्रियों की नई टीम तैयार. 

  • सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष फोकस. 

West Bengal / Kolkata :

Kolkata / पश्चिम बंगाल की राजनीति में हुए हालिया मंत्रिमंडल विस्तार ने राज्य में एक नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार के इस बड़े विस्तार को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में राज्यपाल आर.एन. रवि ने कुल 35 विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ राज्य मंत्रिमंडल का आकार बढ़कर 41 मंत्रियों तक पहुंच गया है, जो विधानसभा की अधिकतम सीमा के बेहद करीब है।

नबान्न में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में 13 कैबिनेट मंत्री, 3 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 19 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली। इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। अर्जुन सिंह, तापस रॉय, शरदवत मुखर्जी, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और शंकर घोष जैसे नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया गया, जिससे सरकार के भीतर अनुभव और नेतृत्व का संतुलन मजबूत हुआ है।

इसके अलावा स्वपन दासगुप्ता, दुध कुमार मोंडल और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में राजेश महतो, इंद्रनील खान और मालती रावा रॉय को शामिल किया गया है, जबकि अशोक डिंडा जैसे चर्चित नाम भी इस टीम का हिस्सा बने हैं।

यह मंत्रिमंडल विस्तार न केवल प्रशासनिक मजबूती का संकेत देता है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति भी दर्शाता है। बीजेपी ने इस बार ब्राह्मण, ओबीसी, आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर राज्य की विविधता को साधने की कोशिश की है।

यह विस्तार मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के तीन सप्ताह बाद हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलावों की भूमिका तैयार कर सकता है।