राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन: जनजातीय छात्रों को छात्रवृत्ति योजना से मिला प्रेरणादायक संदेश
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Rashtrapati Bhavan Event
राष्ट्रपति भवन में जनजातीय छात्रों से राष्ट्रपति की मुलाकात.
शिक्षा को बताया सशक्तिकरण का प्रमुख माध्यम.
विकसित भारत 2047 में युवाओं की अहम भूमिका.
Delhi / राष्ट्रपति भवन में आज एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थी छात्रों ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल सम्मान का अवसर थी, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा का क्षण भी थी, जो सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा के बल पर आगे बढ़ रहे हैं।
लाभार्थी छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन, सहयोग और अवसर देने की है। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को उचित मंच मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन को बदलते हैं बल्कि अपने समुदाय और देश का नाम भी रोशन करते हैं।
राष्ट्रपति ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं हैं, बल्कि ये उनके सपनों को साकार करने का माध्यम हैं। ये योजनाएं उन विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोलती हैं, जिनके पास प्रतिभा तो है लेकिन संसाधनों की कमी उनके रास्ते में बाधा बनती है।
उन्होंने शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा साधन बताया और कहा कि शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर, जागरूक और सक्षम बनाती है। अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि शिक्षा ने उनके जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यही कारण है कि वे हमेशा शिक्षा के महत्व पर जोर देती हैं।
राष्ट्रपति ने युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सलाह दी और कहा कि जनजातीय समुदायों से आने वाले युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी विरासत को संजोते हुए आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ आगे बढ़ते हैं, तो वे एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और इस लक्ष्य को हासिल करने में देश के युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। चाहे वे किसी भी क्षेत्र को चुनें, उन्हें समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
यह मुलाकात न केवल छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव रही, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन से हर युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है और देश के विकास में योगदान दे सकता है।