पश्चिम बंगाल राजनीति विवाद: CID जांच में अभिषेक बनर्जी को नोटिस, फर्जी हस्ताक्षर मामले ने गरमाई सियासत
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
West Bengal Politics
CID जांच में फर्जी हस्ताक्षर मामले ने पकड़ा जोर.
अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी.
बंगाल राजनीति में TMC और BJP के बीच तनाव.
Kolkata / पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच चर्चा में आ गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार किसी तरह की बदले की राजनीति नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि CID की जांच और नोटिस पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हैं, जिनमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को CID ने फर्जी हस्ताक्षर के आरोप में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा। आरोप है कि विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़े एक प्रस्ताव में कई हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। इस शिकायत को खुद TMC के दो विधायकों ने दर्ज कराया था, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
शिकायत दर्ज करने वाले विधायकों रीताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा पर बाद में पार्टी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया। इसके बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। TMC का आरोप है कि यह सब राजनीतिक प्रतिशोध है, जबकि अधिकारी ने इसे पूरी तरह जांच का विषय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि CID स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और इसमें सरकार या भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कई विधायकों के बयान और हस्ताक्षरों में अंतर सामने आया है, जिसकी पुष्टि विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में एक नया तनाव पैदा कर दिया है, जहां एक तरफ जांच एजेंसियां सक्रिय हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।