घटना रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई के वकील दीपक खत्री अपने चार साथियों के साथ मरघट वाले हनुमान मंदिर के पास पहुंचे थे। तभी अचानक बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे और उनकी कार को घेर लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हालात की गंभीरता को समझते हुए ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई और कार को तेज रफ्तार में वहां से निकाल लिया। हमलावरों के बीच से गाड़ी भगाकर वह सिविल लाइन स्थित एक पांच सितारा होटल तक पहुंच गया, जहां जाकर सभी ने राहत की सांस ली। इस हमले में वकील दीपक खत्री बाल-बाल बच गए, लेकिन कार की पिछली सीट पर बैठे एक शख्स को गोली लग गई। घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
कार पर जिस तरह से निशाना साधकर फायरिंग की गई, उससे साफ है कि हमलावर किसी खास मकसद से आए थे। पुलिस को शुरुआती जांच में आशंका है कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकता है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अन्य गैंगों के बीच पहले भी टकराव की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या दिल्ली में एक बार फिर गैंगवार की आहट सुनाई दे रही है?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच गईं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
लॉरेंस बिश्नोई खुद हत्या, रंगदारी और वसूली जैसे कई गंभीर मामलों में जेल में बंद है। हाल ही में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी उसके गैंग ने ली थी। ऐसे में इस नए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
सरेराह हुई इस गोलीबारी ने एक बार फिर राजधानी की कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। दिल्ली जैसे हाई-सिक्योरिटी शहर में इस तरह की वारदातें आम लोगों के मन में डर पैदा करती हैं। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस हमले के पीछे कौन है और क्या इसके तार किसी बड़े गैंगवार से जुड़े हैं।