जशपुर में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें बर्बाद, किसानों ने मुआवजे की मांग की
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पत्थलगांव एसडीएम ने नुकसान का आकलन कर राहत प्रक्रिया शुरू करने की पुष्टि की, मुआवजा जल्द वितरित किया जाएगा।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे और उचित मुआवजा देने की मांग की, ताकि उनकी आर्थिक हानि को कम किया जा सके।
Jashpur/ छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में रविवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर दी। तेज आंधी, गर्जना, बारिश और ओलावृष्टि ने कई गांवों में खड़ी फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया।
फरसाबहार, लुड़ेग, पत्थलगांव, कछार, तमता और तिलडेगा सहित कई इलाकों में करीब आधे घंटे तक तेज ओलावृष्टि हुई। इस दौरान खेतों में खड़ी सब्जियां और फल जैसे टमाटर, मक्का, आम, खरबूजा और तरबूज पूरी तरह चौपट हो गए। किसानों के मुताबिक यह नुकसान फसल कटाई से पहले हुआ, जिससे उनकी सालभर की मेहनत बर्बाद हो गई।
तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए और मकानों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि तूफान इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में खेत और घर दोनों को नुकसान हुआ। आर्थिक दृष्टि से यह किसानों के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि फसलें बिक्री के लिए तैयार थीं।
कछार, तिलडेगा और आसपास के गांवों के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना राहत के उनका गुजारा करना मुश्किल होगा।
पत्थलगांव एसडीएम Ritu Raj Singh Bisen ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पटवारियों को भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जशपुर में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें उजागर की हैं। अब सभी की नजर प्रशासन के राहत और मुआवजा कदमों पर टिकी है।
किसान संगठनों का कहना है कि समय पर मुआवजा और मदद न मिलने पर कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। प्रशासन का तेजी से कार्यवाही करना अब प्राथमिकता बन गई है।