Himachal Weather Update: रेड अलर्ट के बीच तीन जिलों के स्कूल बंद, कई सड़कें ठप

Tue 21-Jul-2026,10:07 PM IST +05:30

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Himachal Weather Update: रेड अलर्ट के बीच तीन जिलों के स्कूल बंद, कई सड़कें ठप Himachal Weather Update
  • रेड अलर्ट के चलते कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में स्कूल-कॉलेज 20 और 21 जुलाई तक बंद रहेंगे।

  • भारी बारिश से सड़कें, पेयजल योजनाएं और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है।

  • किन्नौर में बाढ़ से सेना और आईटीबीपी का सड़क संपर्क बाधित, प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

Himachal Pradesh / Kulu :

Shimla / हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी 'रेड अलर्ट' को देखते हुए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के प्रशासन ने एहतियातन 20 और 21 जुलाई को सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि अगले दिन के लिए कुल्लू को भी रेड अलर्ट वाले जिलों में शामिल किया गया है।

कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा, मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन और सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने अपने-अपने जिलों में स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र, बालवाटिकाएं और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। कांगड़ा में केंद्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और बल्याहार स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय भी इस आदेश के दायरे में आए हैं। साथ ही 20 और 21 जुलाई को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए बुलाया जा सकता है।

मंडी जिले में यह आदेश आवासीय शिक्षण संस्थानों पर लागू नहीं होगा। आईआईटी मंडी, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, नेरचौक और अन्य चिकित्सा संस्थान सामान्य रूप से संचालित होते रहेंगे।

उधर, किन्नौर जिले में सांगला-चितकुल मार्ग पर रानी कांडा के पास टुबर नाले में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। तेज बहाव के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे तिब्बत सीमा के निकट सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की अग्रिम चौकियों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया। यह मार्ग सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी रास्ते जवानों और जरूरी सैन्य सामग्री की आवाजाही होती है।

प्रदेश में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने सभी जिलाधिकारियों को जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बादल फटने की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस सेवाओं को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश के कारण सड़क और पेयजल व्यवस्था पर सबसे अधिक असर पड़ा है। मंडी जिले में 11 सड़कें और चंबा में 10 सड़कें अभी भी बंद हैं, जबकि सिरमौर में 61 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। लोक निर्माण विभाग युद्ध स्तर पर बहाली कार्य में जुटा है। वहीं पेयजल योजनाओं की संख्या दिनभर में 12 से बढ़कर 43 हो गई, जिनमें अकेले चंबा के तीसा उपमंडल की 40 योजनाएं प्रभावित हुई हैं। दूसरी ओर बिजली विभाग ने तेजी से काम करते हुए प्रभावित वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या 60 से घटाकर केवल पांच कर दी है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है।