Gulzar Singh Death Case: 5 आरोपी गिरफ्तार, SIT जांच शुरू, राहुल गांधी ने AAP सरकार पर साधा निशाना

Wed 09-Sep-2026,04:02 PM IST +05:30

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Gulzar Singh Death Case: 5 आरोपी गिरफ्तार, SIT जांच शुरू, राहुल गांधी ने AAP सरकार पर साधा निशाना Gulzar Singh Death Case
  • गुलजार सिंह मौत मामले में सरपंच समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

  • मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय SIT का गठन किया गया है।

  • NHRC ने पंजाब सरकार से दो सप्ताह में Action Taken Report मांगी है।

Punjab / Sangrur :

Sangrur / पंजाब के संगरूर में गुलजार सिंह की मौत का मामला अब राजनीतिक तकरार का बड़ा मुद्दा बन गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि गांव में खुलेआम ड्रग्स की बिक्री का मुद्दा उठाने के बाद गुलजार सिंह को धमकाया और प्रताड़ित किया गया। इस मामले में पुलिस ने गांव की सरपंच बलजिंदर कौर, उनके पति समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय SIT का गठन किया गया है।

बताया गया है कि गुलजार सिंह ने गांव में आयोजित एक विकास कार्यक्रम के दौरान पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने खुलेआम ड्रग्स बिकने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कथित तौर पर बताया था कि उनके गांव में ड्रग्स की बिक्री हो रही है और उनका बेटा चिट्टा का आदी है। इसके बाद परिवार और कुछ ग्रामीणों ने पंचायत से जुड़े लोगों पर गुलजार से माफी मांगने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया।

परिवार के मुताबिक, इस घटनाक्रम के बाद गुलजार सिंह काफी परेशान हो गए थे। बाद में उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद उनके बेटे लखविंदर सिंह के बयान पर संगरूर के दिड़बा थाने में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 108 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ SC-ST एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई हैं। FIR में सरपंच बलजिंदर कौर, उनके पति बलजीत सिंह, सुखदेव सिंह, विक्की सिंह और गन्ना सिंह के नाम दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

चार सदस्यीय SIT करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय SIT गठित की गई है। इसकी अध्यक्षता पटियाला रेंज के DIG करेंगे। टीम में संगरूर के SSP, पटियाला के SP (Investigation) और संगरूर के SP (Operations) शामिल हैं। SIT को गुलजार सिंह की मौत से पहले की पूरी घटनाक्रम की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि गुलजार पर किस तरह का दबाव था और जहरीला पदार्थ खाने से पहले उनके साथ क्या हुआ। पुलिस आरोपों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

NHRC ने भी लिया संज्ञान
गुलजार सिंह की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने भी संज्ञान लिया है। आयोग के पास पहुंची शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गुलजार ने सिंथेटिक ड्रग्स यानी चिट्टा की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाई थी और इसके बाद उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई।

NHRC ने पंजाब सरकार से दो सप्ताह के भीतर Action Taken Report मांगी है। आयोग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इनक्वेस्ट रिपोर्ट, डाइंग डिक्लेरेशन समेत मामले से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज भी मांगे हैं।

कांग्रेस का प्रदर्शन, 100 से ज्यादा कार्यकर्ता हिरासत में
मामले को लेकर कांग्रेस ने 8 सितंबर को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की। पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ता पंजाब कांग्रेस भवन के पास जुटे और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया।

पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेस के मुताबिक, राजा वडिंग समेत 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें सेक्टर-11 थाने ले जाया गया। पार्टी ने प्रदर्शन में 10 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के मामूली रूप से घायल होने की बात भी सामने आई।

राहुल गांधी ने पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का काम जनता के सवालों का जवाब देना है, सवाल उठाने वालों को दबाना नहीं। उन्होंने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की भी मांग की है।

फिलहाल पुलिस की जांच, SIT की पड़ताल और NHRC की कार्रवाई समानांतर रूप से चल रही है। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि गुलजार सिंह की मौत से पहले वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।