Independence Day 2026: लाल किले से PM मोदी का संदेश: 2047 तक विकसित भारत का संकल्प

Sat 15-Aug-2026,07:01 PM IST +05:30

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Independence Day 2026: लाल किले से PM मोदी का संदेश: 2047 तक विकसित भारत का संकल्प Independence Day 2026
  • PM मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया।

  • युवा शक्ति, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया।

  • युवा शक्ति, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से दिए अपने संबोधन की प्रमुख झलकियां साझा कीं। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में देश की यात्रा, अब तक की अभूतपूर्व प्रगति और भविष्य के लिए आवश्यक सामूहिक संकल्प पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के साहस, त्याग और बलिदान को याद करने का अवसर भी है, जिनके संघर्ष से देश को स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय को चुनौतियों से ऊपर उठने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समर्पित भाव से निभाने की प्रेरणा देता है।

विकसित भारत के निर्माण का संकल्प
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की झलकियों में भारत की विकास यात्रा और विकसित भारत के लक्ष्य को प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि देश ने पिछले वर्षों में कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और वैश्विक संकटों के दौर में भी भारत ने अपनी क्षमता और लचीलेपन का परिचय दिया है।

उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को भी विकसित राष्ट्र के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। प्रधानमंत्री के अनुसार, देश की क्षमताओं को मजबूत करना, अपनी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनना और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को और प्रभावी बनाना भविष्य की विकास यात्रा के लिए आवश्यक है।

युवा और महिला शक्ति पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत की विकास यात्रा में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए युवा सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी युवा आबादी भारत की सबसे बड़ी ताकतों में शामिल है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा तथा नवाचार की क्षमता विकसित भारत के लक्ष्य को गति दे सकती है।

इसी के साथ उन्होंने महिला नेतृत्व वाले विकास को भी राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया। महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देना देश के समग्र एवं बहुआयामी विकास के लिए आवश्यक है।

सप्तधारा से विकास को नई गति
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के बहुआयामी विकास के लिए ‘सप्तधारा’ के शक्तिशाली ढांचे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस व्यापक दृष्टिकोण के माध्यम से देश को विकास की नई गति मिलेगी और भारत नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनेगा, बल्कि इसके लिए देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और सामूहिक संकल्प जरूरी है। राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की जिम्मेदारी और योगदान को उन्होंने विशेष महत्व दिया।

तिरंगा देता है एकता और समर्पण की प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कई पोस्ट साझा करते हुए स्वतंत्रता दिवस को अविस्मरणीय अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन देश को आजादी दिलाने वाले वीरों के साहस और बलिदान की याद दिलाता है और साथ ही विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर देता है।

उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें हर चुनौती से ऊपर उठने, एकता के बंधन को मजबूत करने और राष्ट्र के प्रति स्वयं को समर्पित करने की प्रेरणा देता रहे।

प्रधानमंत्री के संदेश का केंद्रीय भाव यही रहा कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित, आत्मनिर्भर और सामर्थ्यवान राष्ट्र बनाने के लिए देश को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।