राजनाथ सिंह से मिले रक्षा संपदा सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, ‘सेवा भाव’ पर जोर

Mon 17-Aug-2026,11:53 PM IST +05:30

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राजनाथ सिंह से मिले रक्षा संपदा सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, ‘सेवा भाव’ पर जोर Defence Estates Service
  • राजनाथ सिंह ने अधिकारियों को ‘सेवा भाव’ के साथ काम करने की सलाह दी।

  • जनता की शिकायतें सुनने और नियमित संवाद पर जोर दिया।

  • शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और ध्यान को महत्वपूर्ण बताया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / भारतीय रक्षा संपदा सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने 17 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। ये अधिकारी राष्ट्रीय रक्षा संपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीईएम) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस दौरान रक्षा मंत्री ने देशभर में रक्षा भूमि के प्रबंधन और छावनी बोर्डों के नगरपालिका प्रशासन में रक्षा संपदा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

श्री राजनाथ सिंह ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती परिस्थितियों और नागरिकों की बढ़ती आकांक्षाओं के अनुरूप लोक सेवकों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी ‘सेवा भाव’ के साथ कार्य करने और जनहितैषी तरीके से नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि लोक सेवकों को जनता के साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए। अधिकारियों को लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुननी चाहिए, ताकि उनकी वास्तविक चिंताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि जनता की बात सुनने से लोगों में प्रशासन के प्रति आश्वासन और विश्वास की भावना मजबूत होती है।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को यह भी समझाया कि एक प्रभावी लोक सेवक की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं होती। नागरिकों की आवश्यकताओं को समझना, उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहना और जनहित को प्राथमिकता देना भी प्रशासनिक सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
रक्षा मंत्री ने उदीयमान अधिकारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए अधिकारियों का स्वस्थ और संतुलित रहना आवश्यक है।

श्री राजनाथ सिंह ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी समान रूप से ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने उन्हें आध्यात्मिक मार्ग अपनाने और ध्यान का अभ्यास करने की सलाह दी। उनके अनुसार, आत्मअनुशासन, मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने में सहायता कर सकते हैं।

इस अवसर पर रक्षा संपदा महानिदेशक श्रीमती शोभा गुप्ता भी उपस्थित थीं। मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को लोक सेवा, जनहित और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का संदेश मिला। रक्षा मंत्री का यह संवाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों के लिए प्रशासनिक सेवा में सेवा भाव, जनसंपर्क, संवेदनशीलता और व्यक्तिगत संतुलन के महत्व को रेखांकित करता है।