चित्तौड़गढ़ में अटल जी की 21 फीट प्रतिमा का अनावरण, अमित शाह ने गिनाईं उपलब्धियां
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चित्तौड़गढ़ में अटल जी की 21 फीट प्रतिमा का अनावरण, अमित शाह ने गिनाईं उपलब्धियां
चित्तौड़गढ़ में अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण।
राजस्थान में ₹5,755 करोड़ के 944 विकास कार्यों की शुरुआत।
अमित शाह ने अटल जी के राष्ट्रवाद और विकास कार्यों को किया याद।
New Delhi / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनकी 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस प्रतिमा को डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित किया गया है। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर अमित शाह ने राजस्थान के 15 जिलों में ₹5,755 करोड़ की लागत वाले 944 विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और भूमिपूजन भी किया।
‘वंदे मातरम’ को लेकर विपक्ष पर निशाना
अपने संबोधन में अमित शाह ने स्वतंत्रता दिवस के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के 80 वर्ष बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर और देशभर में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ का गान हुआ।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना ‘वंदे मातरम’ ने लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई थी। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण ‘वंदे मातरम’ को भुलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि इसकी रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से इसे नई पहचान और सम्मान दिया है।
अमित शाह ने विपक्षी दल के एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां ‘वंदे मातरम’ के गायन को बीच में रोकने के लिए कहा गया। उन्होंने इसे राष्ट्रगान के प्रति अपमानजनक रवैया बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
अटल जी को बताया राष्ट्रभक्ति और सिद्धांतों का प्रतीक
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि अटल जी बचपन से ही राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चले। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने और बाद में जनसंघ के कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय राजनीति में आए।
उन्होंने कहा कि अटल जी सिर्फ 33 वर्ष की उम्र में बलरामपुर से सांसद चुने गए और करीब चार दशक तक विपक्ष में रहते हुए भी राष्ट्र प्रथम की विचारधारा पर कायम रहे। उन्होंने जेल जाने और राजनीतिक संघर्षों के बावजूद अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
शाह ने कहा कि अटल जी प्रधानमंत्री बनने के बाद भी अपने मूल विचारों और सिद्धांतों से जुड़े रहे। उन्होंने उन्हें ‘अजातशत्रु’ बताते हुए कहा कि ऐसे विरले नेता कभी-कभार ही जन्म लेते हैं।
परमाणु शक्ति और बुनियादी ढांचे में योगदान
अमित शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में भारत ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद भारत को परमाणु शक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। इसके अलावा गांवों को सड़कों से जोड़ने और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने अटल सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि इससे आदिवासी समाज के विकास और कल्याण के लिए एक अलग संस्थागत व्यवस्था मजबूत हुई।
आदिवासी कल्याण पर सरकार का जोर
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जनजाति कंपोनेंट का बजट बढ़ाकर ₹1.25 लाख करोड़ किया गया है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत, आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय और एकलव्य विद्यालयों की स्थापना जैसे कदमों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
शाह ने कहा कि अटल जी ने पत्रकार के रूप में कलम से राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाया, कवि के रूप में शब्दों के माध्यम से देशभक्ति को अभिव्यक्ति दी और प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सुशासन को प्राथमिकता दी।
राजस्थान में जल और रोजगार योजनाओं का जिक्र
अमित शाह ने राजस्थान में हर घर नल से जल पहुंचाने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में नल से जल पाने वाले घरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पानी की समस्या के समाधान के लिए तीन बड़े समझौते किए हैं। उनके अनुसार इन योजनाओं से राजस्थान के बड़े हिस्से की जल जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।
शाह ने ‘राइजिंग राजस्थान’ कार्यक्रम के तहत ₹35 लाख करोड़ के निवेश, 36 नई नीतियों और रोजगार मेलों में 1.78 लाख नौकरियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने गैस सिलेंडर पर सब्सिडी और स्वास्थ्य योजनाओं के तहत लोगों को मिल रहे लाभ की जानकारी भी दी।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से राजस्थान आने वाले वर्षों में विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा।