Munshi Premchand Birth Anniversary: PM Modi ने यथार्थवादी साहित्य को बताया प्रेरणा का स्रोत

Fri 31-Jul-2026,11:15 PM IST +05:30

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Munshi Premchand Birth Anniversary: PM Modi ने यथार्थवादी साहित्य को बताया प्रेरणा का स्रोत Munshi Premchand Birth Anniversary
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • प्रेमचंद के साहित्य को सामाजिक समानता, यथार्थवाद और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बताया।

  • काशी की साहित्यिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके योगदान की सराहना की।

Delhi / Delhi :

Delhi / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपनी कालजयी साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक समानता और यथार्थवाद को जिस प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल हिंदी और उर्दू साहित्य की अमूल्य धरोहर नहीं है, बल्कि भारतीय समाज के मूल्यों, संघर्षों और मानवीय भावनाओं का जीवंत दस्तावेज भी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा किए गए संदेश में कहा कि महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के वंचित, गरीब और शोषित वर्ग की पीड़ा को स्वर दिया। उनकी रचनाओं में सामाजिक न्याय, समानता, मानवीय करुणा और नैतिक मूल्यों का जो चित्रण मिलता है, वह आज भी पाठकों और साहित्य प्रेमियों को गहराई से प्रभावित करता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि काशी की साहित्यिक परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके उपन्यास, कहानियां और अन्य साहित्यिक कृतियां भारतीय समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त उपकरण भी है। उनकी रचनाओं में किसानों, मजदूरों, महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों के संघर्ष को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। यही कारण है कि दशकों बाद भी उनकी रचनाएं पाठकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय और प्रासंगिक बनी हुई हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि यथार्थ और सामाजिक समानता पर आधारित मुंशी प्रेमचंद का अमर साहित्य सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रेमचंद के विचार और साहित्य नई पीढ़ी को संवेदनशील, जागरूक और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्ध नागरिक बनने की प्रेरणा देते रहेंगे। मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर देशभर में साहित्य प्रेमी, शिक्षण संस्थान और विभिन्न सांस्कृतिक संगठन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके साहित्यिक योगदान को याद कर रहे हैं।