चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT की शुरुआत, राशन वितरण में पारदर्शिता और सुरक्षा पर जोर
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CBDC based DBT
चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT व्यवस्था शुरू।
राशन भुगतान में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने पर जोर।
सफल प्रयोग के बाद देशभर में विस्तार की तैयारी।
New Delhi / चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने की। केंद्रीय शिक्षा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी तथा केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि CBDC आधारित DBT व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षा और समयबद्धता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में शुरू किया गया यह प्रयोग आगे चलकर देशव्यापी मॉडल के रूप में अपनाया जा सकता है।
राशन खरीद के लिए सीधे और सुरक्षित भुगतान
नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को राशन और खाद्यान्न के लिए मिलने वाला भुगतान सीधे, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। तकनीकी प्रावधानों के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि लाभार्थी प्राप्त राशि का उपयोग केवल खाद्यान्न और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की खरीद के लिए ही कर सकें।
व्यवस्था में लाभार्थियों को विकल्प भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वे गेहूं और चावल के अलावा दाल तथा अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थों का चयन कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने इसे विभाग की ओर से किया गया महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार बताया।
किसानों और गरीबों के हित को प्राथमिकता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि नीतियों और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसानों के हित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए गेहूं और धान के पर्याप्त भंडार हैं तथा जरूरत पड़ने पर भारत निर्यात भी करता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभों की पारदर्शी डिलीवरी जारी रखने की बात कही। उनके अनुसार किसानों की सुरक्षा और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
गरीब कल्याण अन्न योजना का जिक्र
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी उल्लेख किया गया। चौहान ने कहा कि 80 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराना देश की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था है। उनके अनुसार, राशन से परिवारों के खर्च में राहत मिलती है और बची राशि बच्चों की शिक्षा तथा अन्य आवश्यकताओं पर खर्च की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब भूखा न रहे और हर परिवार तक भोजन की उपलब्धता बनी रहे।
DBT में तकनीक की भूमिका
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि DBT व्यवस्था से लाभ सीधे खाताधारकों तक पहुंचता है, जिससे बिचौलियों और गड़बड़ी की संभावना कम होती है। हालांकि नकद राशि के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए CBDC आधारित मॉडल में तकनीकी सीमाएं निर्धारित की गई हैं।
चंडीगढ़ में शुरू किए गए इस प्रयोग की सफलता के बाद इसे धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई। चौहान ने अधिकारियों से स्थानीय स्तर की बाधाओं को दूर कर व्यवस्था का विस्तार सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
संसद में व्यवधान पर टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने संसद में होने वाले व्यवधान को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस जरूरी है, लेकिन संसद की कार्यवाही में व्यवधान स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
‘हर घर तिरंगा’ और नागरिक कर्तव्य की अपील
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चौहान ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए नागरिकों से देश के लिए ईमानदारी से काम करने और अपने कर्तव्यों का पालन करने की अपील की। उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाने जैसे कार्य करने का भी आह्वान किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार को दोहराया कि “सरकार फाइल में नहीं, जनता की लाइफ में दिखनी चाहिए।” चौहान के अनुसार CBDC आधारित DBT जैसी पहल इसी सोच का हिस्सा है, जिसमें तकनीक और सरकारी नीतियों का सीधा लाभ आम लोगों के दैनिक जीवन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार आने वाले वर्षों में ऐसे कई बड़े लक्ष्यों पर काम कर रही है।