जापान में एक दिन में दो भूकंप, 40 से ज्यादा घायल; टोक्यो से होक्काइडो तक कांपे इलाके

Sun 23-Aug-2026,10:22 PM IST +05:30

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जापान में एक दिन में दो भूकंप, 40 से ज्यादा घायल; टोक्यो से होक्काइडो तक कांपे इलाके Japan Earthquake
  • जापान में एक दिन में 5.9 और 6.0 तीव्रता के दो भूकंप आए।

  • सुबह आए भूकंप में 40 से ज्यादा लोग घायल हुए और रेल सेवाएं प्रभावित हुईं।

  • होक्काइडो में आए भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।

Delhi / New Delhi :

जापान में रविवार का दिन भूकंप के झटकों से दहशत भरा रहा। देश में एक ही दिन के भीतर दो बड़े भूकंप दर्ज किए गए। पहला भूकंप तड़के टोक्यो और आसपास के इलाकों में आया, जिसकी तीव्रता 5.9 मापी गई। इस भूकंप के कारण 40 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद देर रात उत्तरी जापान के होक्काइडो क्षेत्र में 6.0 तीव्रता का एक और भूकंप आया। हालांकि, दूसरे भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, रात करीब 10:45 बजे होक्काइडो के तट के पास 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन के भीतर करीब 40 किलोमीटर की गहराई में बताया गया। जापानी भूकंपीय पैमाने पर इस भूकंप की अधिकतम तीव्रता चार दर्ज की गई। भूकंप के झटके उत्तरी जापान के कई इलाकों में महसूस किए गए। राहत की बात यह रही कि इस भूकंप के बाद समुद्री लहरों या सुनामी को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई।

इससे पहले रविवार तड़के करीब 2 बजे इबाराकी प्रांत के दक्षिणी हिस्से में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र करीब 68 किलोमीटर की गहराई में था। इस भूकंप का असर उत्तर-पूर्वी और मध्य जापान के बड़े हिस्से में महसूस किया गया। इबाराकी और टोक्यो के कुछ हिस्सों में जापानी भूकंपीय पैमाने पर पांच से कम तीव्रता के झटके दर्ज किए गए।

सुबह आए भूकंप के कारण कई इलाकों में लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय अग्निशमन विभागों के अनुसार, इस भूकंप में 40 से अधिक लोग घायल हुए। घायलों में साइतामा का एक युवक और 70 वर्षीय महिला भी शामिल हैं। कानागावा में नौ और चिबा में चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की।

भूकंप का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। कई रेल सेवाएं देरी से शुरू हुईं और कुछ ट्रेनों को धीमी गति से चलाया गया। तोबू रेलवे की कुछ तेज रफ्तार सेवाओं को भी रोकना पड़ा। अधिकारियों ने रेल पटरियों और अन्य बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जांचने के बाद सेवाओं को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की।

टोक्यो के कोतो वार्ड में पानी की एक पाइप फटने की घटना भी सामने आई। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने का संबंध भूकंप के झटकों से है या नहीं। साइतामा और चिबा के कुछ हिस्सों में भी भूकंप की तीव्रता पांच से कम दर्ज की गई। मध्य टोक्यो के अदाची वार्ड में भी लोगों ने झटके महसूस किए।

लगातार दो भूकंपों के बाद जापानी प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने प्रधानमंत्री कार्यालय में आपात प्रतिक्रिया दल गठित करने की घोषणा की, ताकि भूकंप से हुए नुकसान और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किया जा सके। प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्क रहने और अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

जापान भूकंप के लिहाज से दुनिया के सबसे संवेदनशील देशों में शामिल है। ऐसे में प्रशासन लगातार भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखता है। रविवार को आए दोनों भूकंपों के बाद अधिकारियों का मुख्य ध्यान घायलों की मदद, बुनियादी ढांचे की जांच और परिवहन सेवाओं को सामान्य करने पर रहा।