आईएनएस सुदर्शनी लिस्बन पहुंचा, लोकयान 26 में भारत की समुद्री मित्रता का संदेश
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INS Sudarshini
आईएनएस सुदर्शनी लोकयान 26 अभियान के तहत लिस्बन पहुंचा।
पोत ने टैगस नदी में पारंपरिक नौकायन कौशल का प्रदर्शन किया।
यात्रा से भारत-पुर्तगाल के समुद्री संबंध और मित्रता मजबूत होगी।
New Delhi / भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी अपने चल रहे लोकयान 26 समुद्री अभियान के तहत 22 अगस्त 2026 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन पहुंचा। तीन मस्तूलों वाले इस पोत ने टैगस नदी के रास्ते लिस्बन में प्रवेश किया और इस दौरान पारंपरिक नौकायन तथा समुद्री कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। आईएनएस सुदर्शनी की यह यात्रा भारत की समुद्री परंपरा, नौसैनिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाली महत्वपूर्ण गतिविधि है।
लिस्बन में अपने प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शनी के चालक दल और प्रशिक्षु विभिन्न पेशेवर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान पुर्तगाली नौसेना के वरिष्ठ नेतृत्व, स्थानीय अधिकारियों और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद तथा पेशेवर आदान-प्रदान किया जाएगा। दोनों देशों की नौसैनिक परंपराओं और समुद्री अनुभवों को साझा करने के उद्देश्य से क्रॉस-डेक भ्रमण भी आयोजित किए जाएंगे।
जहाज पर मौजूद प्रशिक्षुओं के लिए यह यात्रा विशेष महत्व रखती है। समुद्र में लंबे समय तक चलने वाला प्रशिक्षण उन्हें नौकायन, अनुशासन, नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय समुद्री वातावरण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। विभिन्न देशों के बंदरगाहों पर होने वाली गतिविधियां प्रशिक्षुओं को अन्य नौसेनाओं के अधिकारियों और कर्मियों के साथ संवाद करने तथा अलग-अलग समुद्री परंपराओं को समझने का अवसर देती हैं।
लिस्बन आईएनएस सुदर्शनी की सात महीने लंबी समुद्री यात्रा के दौरान 15वीं बंदरगाह यात्रा है। इस अभियान के माध्यम से भारतीय नौसेना विभिन्न देशों के साथ समुद्री संबंधों को मजबूत करने और भारत की समुद्री विरासत तथा क्षमताओं को प्रदर्शित करने का प्रयास कर रही है। लिस्बन में जहाज का पहुंचना इसी व्यापक समुद्री संपर्क और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
लोकयान 26 के अंतर्गत आईएनएस सुदर्शनी केवल एक प्रशिक्षण पोत के रूप में ही नहीं, बल्कि भारत की समुद्री कूटनीति और सद्भावना के संदेशवाहक के रूप में भी भूमिका निभा रहा है। अभियान का उद्देश्य सहयोगी देशों के साथ मित्रता, सहयोग और सौहार्द को मजबूत करना है। अलग-अलग देशों में होने वाली बंदरगाह यात्राओं के दौरान भारतीय नौसेना के जवान और प्रशिक्षु स्थानीय नौसैनिक संस्थानों, अधिकारियों और भारतीय समुदाय के साथ संपर्क स्थापित करते हैं।
आईएनएस सुदर्शनी का पारंपरिक नौकायन पोत के रूप में संचालन भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा को भी सामने लाता है। आधुनिक नौसैनिक क्षमताओं के साथ पारंपरिक नौकायन कौशल का प्रदर्शन इस अभियान को विशिष्ट बनाता है। टैगस नदी में पोत का भव्य प्रवेश लिस्बन यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा।
भारत और पुर्तगाल के बीच लंबे समय से समुद्री एवं ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। ऐसे में आईएनएस सुदर्शनी की लिस्बन यात्रा दोनों देशों के बीच समुद्री संपर्क और आपसी समझ को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है। पेशेवर आदान-प्रदान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को भी बेहतर बनाने में योगदान देंगे।
लोकयान 26 के माध्यम से आईएनएस सुदर्शनी की यात्रा भारत के उस व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें समुद्री सहयोग, प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संपर्क और अंतरराष्ट्रीय मित्रता को समान महत्व दिया जाता है। लिस्बन में 15वीं बंदरगाह यात्रा के साथ यह अभियान भारत के वैश्विक समुद्री संबंधों और मित्रता, सहयोग तथा सौहार्द के संदेश को आगे बढ़ा रहा है।