डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता पर राष्ट्रीय सम्मेलन, शिवराज सिंह चौहान ने गिनाई उपलब्धियां

Sat 22-Aug-2026,11:40 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता पर राष्ट्रीय सम्मेलन, शिवराज सिंह चौहान ने गिनाई उपलब्धियां Digital Agriculture Mission
  • डिजिटल कृषि मिशन के तहत 10.41 करोड़ Farmer ID बनाई गईं।

  • दलहन उत्पादन बढ़कर 274.09 लाख मीट्रिक टन पहुंचा।

  • 528 दलहन Processing Units स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में शुरू किए गए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की प्रगति एवं आगे की रणनीति को लेकर शनिवार को पूसा में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन मिशनों का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं का लाभ कागजों और रिपोर्टों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसका असर खेत और किसान की जेब में दिखाई देना है।

सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, असम के मंत्री पीयूष हजारिका, अरुणाचल प्रदेश के मंत्री ग्रेबियल डेन्‍वांग बागसू, नागालैंड के मंत्री महात यंथन और केंद्रीय कृषि सचिव अतीश चन्द्रा सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

फार्मर आईडी से पारदर्शी होगा भुगतान
शिवराज सिंह चौहान ने फार्मर आईडी के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान की डिजिटल पहचान बनने के बाद विभिन्न योजनाओं का भुगतान सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचाना आसान और पारदर्शी हुआ है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान से किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ मिला है।

उन्होंने राज्यों से फार्मर आईडी बनाने के लिए शिविरों को गंभीरता और ईमानदारी से संचालित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से एक महीने के भीतर आईडी बनाना संभव है, लेकिन इसके लिए प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही जरूरी है।

डिजिटल सर्वे से जमीन का सटीक रिकॉर्ड
कृषि भूमि और डिजिटल सर्वे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नक्शों की जियो-रेफरेंसिंग और डेटा वेरिफिकेशन डिजिटल कृषि मिशन की रीढ़ हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण यदि खेत और डिजिटल रिकॉर्ड में अंतर आ रहा है तो उसका व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। सही सर्वे होने पर ही किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।

AgriStack के तहत अब तक 10.41 करोड़ Farmer ID बनाई जा चुकी हैं, जिसमें 26 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। यह PM-KISAN कवरेज का करीब 84.68 प्रतिशत और ऑपरेशनल होल्डिंग्स का लगभग 77 प्रतिशत है। वहीं 5.9 लाख गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी हो चुकी है, जो पहचाने गए गांवों का 93.05 प्रतिशत है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे का विस्तार
Digital Crop Survey का दायरा भी तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2024-25 में जहां यह 290 जिलों तक सीमित था, वहीं रबी 2025-26 में इसका विस्तार 650 जिलों तक हुआ। खरीफ 2026-27 में इसे 692 जिलों तक ले जाने का लक्ष्य है। क्षेत्र कवरेज भी 3.87 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 9.18 करोड़ हेक्टेयर हुआ है और खरीफ 2026-27 के लिए 13.4 करोड़ हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दलहन उत्पादन में बढ़ोतरी
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। दलहन उत्पादन वर्ष 2024-25 के 256.83 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 274.09 लाख मीट्रिक टन हो गया। इसी अवधि में दलहन का क्षेत्रफल 277.20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 286.46 लाख हेक्टेयर और उत्पादकता 926 से बढ़कर 957 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई।

घरेलू उत्पादन बढ़ने से दलहन आयात भी 72.56 लाख मीट्रिक टन से घटकर 59.64 लाख मीट्रिक टन रह गया है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्रोसेसिंग, भंडारण और बाजार कनेक्टिविटी को मजबूत करना जरूरी है। वर्ष 2026-27 में राज्यों में 528 दलहन प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने राज्यों से सफल प्रयोगों को साझा करने, समयबद्ध कार्रवाई करने और योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करें तो डिजिटल कृषि और दलहन आत्मनिर्भरता के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के साथ देश की खाद्य आत्मनिर्भरता को भी मजबूत किया जा सकता है।