लोकसभा में LPG मुद्दे पर हंगामा, 8 सांसदों के निलंबन पर टकराव

Fri 13-Mar-2026,12:46 PM IST +05:30

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लोकसभा में LPG मुद्दे पर हंगामा, 8 सांसदों के निलंबन पर टकराव Lok-Sabha-LPG-Issue-Opposition-Protest
  • लोकसभा में एलपीजी संकट और आठ सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही सदन में गतिरोध पैदा हो गया।

  • स्पीकर ने संसदीय मर्यादा बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सदन में अनुशासनहीन व्यवहार या नियमों के उल्लंघन पर निलंबन जैसी कार्रवाई करना आवश्यक हो जाता है।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली/ लोकसभा में शुक्रवार को एलपीजी मुद्दे और आठ सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। विपक्षी दलों के सांसदों ने एलपीजी संकट पर तत्काल चर्चा कराने और निलंबित सांसदों की सदस्यता बहाल करने की मांग उठाई। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने कई बार सदन को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लगातार नारेबाजी और विरोध के चलते अंततः उन्हें कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी दलों के सदस्य अपनी सीटों से उठकर वेल के पास पहुंच गए। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसदों ने एलपीजी संकट को लेकर सरकार से जवाब मांगा और इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा की मांग की। साथ ही हाल ही में निलंबित किए गए आठ सांसदों का निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर भी जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों को शांत कराने का प्रयास करते हुए कहा कि प्रश्नकाल संसद की कार्यवाही का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान सांसद अपने क्षेत्र और देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हैं और सरकार की जवाबदेही तय होती है। उन्होंने यह भी बताया कि उस दिन प्रतिपक्ष के आठ सदस्यों के प्रश्न भी सूचीबद्ध थे, इसलिए सभी को अपनी बात रखने का अवसर मिल सकता था।

स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि वे पहले प्रश्नकाल को सुचारू रूप से चलने दें और उसके बाद अपने मुद्दे उठाएं। उन्होंने कहा कि अक्सर विपक्ष यह आरोप लगाता है कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता, लेकिन जब अवसर मिलता है तो वे सदन में हंगामा कर देते हैं, जो संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।

आठ सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर स्पीकर ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कोई सदस्य सदन की मर्यादा का उल्लंघन करता है, मेजों पर चढ़कर विरोध करता है या अनुशासनहीन व्यवहार करता है, तो ऐसी स्थिति में कार्रवाई करना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है, चाहे वह संसद परिसर के भीतर हो या बाहर।

इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा और नारेबाजी थमने का नाम नहीं ले रही थी। लगातार व्यवधान के कारण प्रश्नकाल शुरू नहीं हो सका। स्थिति को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एलपीजी मुद्दे और सांसदों के निलंबन को लेकर संसद में आने वाले दिनों में भी राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।