बस्तर में 108 माओवादियों का सरेंडर, करोड़ों नकदी और हथियार बरामद

Thu 12-Mar-2026,12:18 PM IST +05:30

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बस्तर में 108 माओवादियों का सरेंडर, करोड़ों नकदी और हथियार बरामद Bastar-108-Maoists-Surrender-Chhattisgarh
  • बस्तर में 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 44 महिलाएं शामिल हैं; कई इनामी नक्सली भी सुरक्षा बलों के सामने मुख्यधारा में लौटे।

  • सरकार की पुनर्वास नीति और “पूना मारगेम” पहल से प्रभावित होकर नक्सली हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

Chhattisgarh / Bastar :

Bastar/ छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को 108 माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। सरेंडर करने वालों में 44 महिलाएं भी शामिल हैं, जो लंबे समय से प्रतिबंधित संगठन Communist Party of India (Maoist) की गतिविधियों में शामिल थीं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये सभी माओवादी जगदलपुर के लालबाग स्थित पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में वरिष्ठ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किए। इनमें कई ऐसे सदस्य भी शामिल हैं जो संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर सक्रिय थे।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक Sundarraj P. Pattilingam ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पुलिस की “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास योजनाओं के कारण माओवादियों में विश्वास बढ़ा है और वे सामान्य जीवन की ओर लौटने का फैसला कर रहे हैं।

आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े इनामी माओवादी भी शामिल हैं। इनमें 6 डिवीजनल कमेटी सदस्य (DVCM) शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा 22 एरिया कमेटी सदस्य भी हैं, जिन पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था। इनके साथ कई अन्य सक्रिय माओवादी कैडर भी संगठन छोड़कर सामने आए हैं।

सुरक्षा बलों ने माओवादियों के एक ठिकाने से बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और हथियार भी बरामद किए हैं। बरामद सामग्री में करीब 3.61 करोड़ रुपये नकद, लगभग 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलो सोना और 101 घातक हथियार शामिल हैं। इनमें AK-47, इंसास, LMG और BGL जैसे आधुनिक हथियार भी पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह बरामदगी माओवादी संगठन के आर्थिक और सैन्य नेटवर्क को बड़ा झटका है।

सरेंडर करने वाले प्रमुख माओवादियों में राहुल तेलाम, पंडरु कोवासी, झितरु ओयाम, रामधर उर्फ बीरु, मल्लेष, मुचाकी (PLGA बटालियन नंबर-1 कमांडर) और कोसा मंडावी जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी संगठन में अहम भूमिकाओं में सक्रिय थे।

राज्य के गृह मंत्री Vijay Sharma ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में बीजापुर से 37, दंतेवाड़ा से 30, सुकमा से 18, बस्तर से 16, नारायणपुर से 4 और कांकेर से 3 माओवादी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन करना है। वहीं मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “बस्तर में बंदूकें हार रही हैं और विश्वास जीत रहा है।” उन्होंने इसे शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।

पुलिस के अनुसार पिछले 26 महीनों में राज्य में 2714 माओवादी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं 1 जनवरी 2024 से 9 मार्च 2026 के बीच केवल बस्तर संभाग में ही 2625 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसे क्षेत्र में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का संकेत माना जा रहा है।