वेदांता प्लांट ब्लास्ट में 16 मौतें, 34 घायल, सुरक्षा पर सवाल

Wed 15-Apr-2026,11:48 AM IST +05:30

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वेदांता प्लांट ब्लास्ट में 16 मौतें, 34 घायल, सुरक्षा पर सवाल Vedanta-Plant-Blast-Chhattisgarh-16-Dead-Safety-Concerns
  • वेदांता थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट से 16 मौतें, 34 घायल, राहत-बचाव कार्य जारी और कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

  • मृतकों को ₹35 लाख मुआवजा, नौकरी का आश्वासन, केंद्र और राज्य सरकार ने अलग-अलग सहायता राशि का किया ऐलान।

Chhattisgarh / Sakti :

Sakti/ सक्ति जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में नियमित कार्य चल रहा था, तभी बॉयलर का ट्यूब अचानक फट गया और जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरे परिसर में धुआं फैल गया और वहां मौजूद कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।

इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए हैं, जिनमें रायगढ़ मेडिकल कॉलेज से 5, जिला अस्पताल से 5, प्लांट परिसर से 4 और रायपुर के कालड़ा अस्पताल से 2 शव शामिल हैं। वहीं 34 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 18 का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

हादसे के बाद कंपनी और जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को ₹35 लाख की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की घोषणा की गई है। घायलों को ₹15 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने इन घोषणाओं की पुष्टि की है।

घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता देने की घोषणा की है।

राज्य सरकार ने भी इस हादसे पर संवेदना व्यक्त करते हुए सहायता राशि का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50 हजार देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का बेहतर और निःशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। बिलासपुर कमिश्नर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वर्तमान में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का प्रयास कर रहा है। इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।