सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 4 माह का शावक मृत, 9 महीनों में पांचवीं मौत
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सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के नयाखेड़ा क्षेत्र में चार महीने के टाइगर शावक का शव मिला, नौ महीनों में पांचवीं टाइगर मौत से चिंता बढ़ी।
वन विभाग और NTCA ने जांच शुरू की, लगातार हो रही मौतों के कारण वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
Satpura/ नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मटकुली रेंज अंतर्गत नयाखेड़ा क्षेत्र में चार महीने के टाइगर शावक का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि पिछले नौ महीनों में यह क्षेत्र और आसपास के इलाकों में टाइगर की मौत का पांचवां मामला है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नयाखेड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 460 में तैनात फॉरेस्ट गार्ड ने देर रात दो बाघों के बीच संघर्ष की आवाजें सुनीं। तेज दहाड़ से पूरा इलाका गूंज उठा, जिसके बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया और रात के दौरान ही शावक का शव बरामद किया गया।
घटनास्थल पर जांच के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रतिनिधियों ने निरीक्षण किया। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा के अनुसार, शावक के शरीर पर गहरे घाव और गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। इसके साथ ही मौके पर नर और मादा बाघ के पदचिह्न भी मिले हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शावक पर किसी वयस्क बाघ ने हमला किया होगा।
वन विभाग ने शावक का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया, जिसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि, मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
लगातार हो रही टाइगर मौतों ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में टाइगरों के बीच बढ़ते संघर्ष, सीमित क्षेत्र और संसाधनों की कमी इसके पीछे कारण हो सकते हैं। वन विभाग ने निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को सख्त करने की बात कही है।