प्रयागराज में बड़ा हादसा: फाफामऊ कोल्ड स्टोरेज ढहा, 4 की मौत, जांच के आदेश
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Prayagraj Accident
फाफामऊ में कोल्ड स्टोरेज गिरा, 4 की मौत.
कई मजदूर मलबे में दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.
पीएम मोदी और सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान.
Prayagraj / उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। फाफामऊ क्षेत्र में स्थित एक कोल्ड स्टोरेज अचानक ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
अब तक इस हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोल्ड स्टोरेज काफी पुराना था और इसकी हालत जर्जर हो चुकी थी। दीवारों में दरारें साफ दिखाई देती थीं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते जांच और मरम्मत कराई जाती, तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था।
हादसे के बाद अमोनिया गैस के रिसाव की खबर ने आसपास के गांवों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन लोगों में अभी भी दहशत बनी हुई है।
इस घटना को लेकर प्रयागराज के मेयर गणेश केसरवानी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कोल्ड स्टोरेज के निर्माण और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे अंसार अहमद से जुड़ा हुआ है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है। प्रशासन अब इस एंगल से भी जांच कर रहा है कि कहीं लापरवाही या नियमों की अनदेखी तो इस हादसे की वजह नहीं बनी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और समान आर्थिक सहायता का ऐलान किया।
फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी है और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।