दतिया सीट पर संकट, राजेंद्र भारती केस से उपचुनाव की चर्चा तेज
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भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की, जिससे दतिया सीट पर संभावित उपचुनाव की तैयारियां तेज होने के संकेत मिले।
दतिया विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी मामले में तीन साल की सजा, हाई कोर्ट के फैसले से उनकी विधायकी पर संकट गहराया।
Datia/ मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई, जब कांग्रेस विधायक Rajendra Bharti को हाई कोर्ट ने 27 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद उनकी विधायकी समाप्त करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
हालांकि, इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब Delhi High Court ने इस प्रकरण में सुनवाई को 15 अप्रैल तक टाल दिया। राजेंद्र भारती ने अपनी सजा के खिलाफ याचिका दायर करते हुए राहत की मांग की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
इधर, जैसे ही विधायकी समाप्त होने की खबर सामने आई, प्रदेश की राजनीति में दतिया उपचुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने पूर्व गृहमंत्री Narottam Mishra से उनके निवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गईं।
दतिया सीट को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां से डॉ. नरोत्तम मिश्रा तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था।
अब सीट खाली होने की स्थिति में डॉ. मिश्रा के फिर से चुनाव मैदान में उतरने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस सीट को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उपचुनाव होता है, तो यह मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है। वहीं, 15 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगी।
कुल मिलाकर, दतिया सीट का यह मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम बन चुका है।