दत्ता मेघे का निधन: विदर्भ के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नहीं रहे

Mon 23-Mar-2026,01:29 AM IST +05:30

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दत्ता मेघे का निधन: विदर्भ के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नहीं रहे Datta Meghe Death
  • दत्ता मेघे का 90 वर्ष की उम्र में निधन.

  • चार बार लोकसभा सांसद और पूर्व मंत्री रहे.

  • शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा योगदान. 

Maharashtra / Nagpur :

Nagpur / नागपुर से एक दुखद खबर सामने आई है। विदर्भ के वरिष्ठ राजनेता, शिक्षाविद् और समाजसेवी तथा महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री दत्ता मेघे का रविवार (22 मार्च) को निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। उनके निधन से न केवल विदर्भ बल्कि पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ी कमी महसूस की जा रही है।

दत्ता मेघे का जन्म 11 नवंबर 1936 को वर्धा जिले के पवनार में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई दलों के साथ काम किया, जिनमें कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी शामिल हैं। वे चार बार लोकसभा सांसद रहे और नागपुर, रामटेक व वर्धा जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्होंने राज्यसभा सदस्य और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

राजनीति के साथ-साथ दत्ता मेघे ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। ‘नागर युवक शिक्षण संस्था’ और ‘दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ जैसे संस्थानों के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने का बड़ा काम किया। उनके प्रयासों से हजारों छात्रों को बेहतर शिक्षा और अवसर मिल सके।

वे विदर्भ को अलग राज्य बनाने की मांग के समर्थक भी रहे और इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे। उनके परिवार की अगली पीढ़ी भी राजनीति में सक्रिय है, उनके पुत्र समीर मेघे वर्तमान में विधायक हैं।

दत्ता मेघे के निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कई नेताओं और समाज के प्रमुख लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनका जीवन समाजसेवा और जनहित के लिए समर्पित रहा, जिसे हमेशा याद किया जाएगा।