बस्तर में नक्सल कमी के बाद भी सख्ती बरकरार, 40 हजार जवान तैनात

Thu 02-Apr-2026,02:08 PM IST +05:30

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बस्तर में नक्सल कमी के बाद भी सख्ती बरकरार, 40 हजार जवान तैनात Bastar-Security-Forces-Naxal-Control-New-Police-Stations
  • जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन, गश्त और आईईडी निष्क्रिय करने के अभियान जारी, साथ ही गांवों में जनजागरण अभियान पर जोर।

  • बस्तर में नक्सल गतिविधियों में कमी के बावजूद 40 हजार सुरक्षा बल तैनात रहेंगे, अगले छह महीनों तक स्थिति का लगातार आकलन किया जाएगा।

Chhattisgarh / Bastar :

Bastar/ बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। नक्सल गतिविधियों में गिरावट के बावजूद सुरक्षा बलों की तैनाती पहले की तरह जारी रहेगी।

स्थानीय स्तर पर सुरक्षा ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने 10 नए पुलिस थाने खोलने का निर्णय लिया है। इन थानों में बस्तर फाइटर्स के 4 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया जाएगा। ये जवान स्थानीय परिस्थितियों से परिचित हैं और क्षेत्र में बेहतर तरीके से काम करने में सक्षम माने जाते हैं।

इसके अलावा, जिन इलाकों में पुलिस बल की कमी है, वहां भी बस्तर फाइटर्स को भेजा जाएगा। थाना प्रभारी से लेकर अन्य रैंक के जवान इन नई जिम्मेदारियों को संभालेंगे।

जंगलों में सुरक्षा बलों की सक्रियता भी लगातार जारी रहेगी। जवान नियमित रूप से सर्चिंग ऑपरेशन और गश्त करेंगे, ताकि नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों को खोजकर निष्क्रिय किया जा सके। आईईडी जैसे खतरनाक उपकरणों को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

इसके साथ ही गांवों में जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि वे दोबारा हिंसा की राह न अपनाएं।

सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जैसे संवेदनशील जिलों में नए थाने खोलने की मंजूरी दी है। इससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।