राउरकेला के पास इंडिया वन एयर का विमान दुर्घटनाग्रस्त, मेडे कॉल के बाद इमरजेंसी लैंडिंग, सभी सुरक्षित
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Raurkela-Viman-Crash
मेडे कॉल के बाद सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग.
सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित.
DGCA और AAIB कर रहे हैं जांच.
Rourkela / ओडिशा के राउरकेला के पास शनिवार को एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया, जब एक निजी एयरलाइन इंडिया वन एयर का छोटा नौ सीटों वाला विमान आपात स्थिति में उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा था और राउरकेला एयरपोर्ट से करीब 10 किलोमीटर पहले जलदा इलाके में हादसे का शिकार हुआ। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित हैं, हालांकि छह लोगों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, उड़ान संख्या IOA-102 ने दोपहर करीब 12:25 बजे भुवनेश्वर से उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आने पर पायलटों ने दोपहर 1:14 बजे राउरकेला एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को ‘मे डे कॉल’ दिया, जो किसी भी विमान में गंभीर आपात स्थिति का संकेत होता है। इसके बाद पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए दोपहर 1:20 बजे कांसोर के पास एक खुले इलाके में इमरजेंसी लैंडिंग कराई। यह स्थान राउरकेला एयरपोर्ट से करीब 15–20 किलोमीटर पहले बताया जा रहा है।
विमान में कुल चार यात्री और दो क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोग और प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत स्थिर है और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक प्रसन्न प्रधान ने बताया कि यह इंडिया वन एयर का सेसना ग्रैंड C208B विमान था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तुरंत DGCA को घटना की जानकारी दे दी है और संबंधित अधिकारी जल्द ही दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे। इस मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) करेगी और नियमों के अनुसार एयरलाइन को अपनी विस्तृत रिपोर्ट DGCA और AAIB को सौंपनी होगी।
गौरतलब है कि इंडिया वन एयर एक शेड्यूल्ड कम्यूटर एयरलाइन है, जो 2022 से ओडिशा और आसपास के टियर-3 शहरों के बीच उड़ान सेवाएं दे रही है। इस सेवा को ओडिशा सरकार की ओर से वायबिलिटी गैप फंडिंग का समर्थन भी प्राप्त है। इस हादसे ने एक बार फिर क्षेत्रीय हवाई सेवाओं में सुरक्षा मानकों और तकनीकी निगरानी की अहमियत को उजागर कर दिया है।