अमेरिका ने कैरिबियन में तेल टैंकर Olina जब्त, वेनेजुएला पर नियंत्रण तेज
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US-Southern-Command
कैरिबियन सागर में अमेरिकी सेना की Olina टैंकर जब्ती.
वेनेजुएला के तेल पर नियंत्रण अभियान तेज.
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध तेल तस्करी पर रोक.
America / अमेरिकी सेनाओं ने लगातार तीसरे दिन कैरिबियन सागर में ‘ओलिना’ (Olina) नामक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है, जिससे वेनेजुएला के खनन तेल पर नियंत्रण के लिए ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई और तेज़ हो गई है। यह अभियान अमेरिकी बलों द्वारा अब तक पांच टैंकरों को जब्त करने का हिस्सा है। इस ऑपरेशन को यूएस मरीन और नेवी के जवानों ने पूर्व-सुबह के समय अंजाम दिया। अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों के लिए अब कहीं भी छिपने की जगह नहीं है।
अमेरिका का यह अभियान वेनेजुएला के तेल वितरण पर नियंत्रण बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध गतिविधियों को रोकने का हिस्सा है। अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि अमेरिका की कोस्ट गार्ड ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ‘ओलिना’ टैंकर को रोका और कब्ज़ा किया। उन्होंने कहा कि यह टैंकर तथाकथित “घोस्ट फ्लीट” का हिस्सा था, जो प्रतिबंधित तेल ले जा रहा था और अमेरिकी बलों से बचने की कोशिश कर रहा था। नोएम ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कानून लागू होंगे, और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद और अवैध गतिविधियों की फंडिंग को खत्म किया जाएगा।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने उत्तरी अटलांटिक में रूस के झंडे वाला टैंकर ‘मैरिनेरा’ (Marinera) जब्त किया था, जबकि कैरिबियन सी में एक और जहाज पकड़ा गया। अमेरिका और रूस के बीच इस कार्रवाई को लेकर राजनयिक तनाव बढ़ गया है। रूस के परिवहन मंत्रालय ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। ‘मैरिनेरा’ के चालक दल में तीन भारतीय भी शामिल हैं, जिनकी सुरक्षित रिहाई के लिए मॉस्को ने अमेरिका से अपील की है।
‘ओलिना’ टैंकर पहले ‘बेला वन’ नाम से परिचित था। इस पर कुल 28 क्रू मेंबर थे, जिनमें 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य समुद्र में अपराधियों के लिए सुरक्षित स्थान समाप्त करना और अवैध तेल लेन-देन पर कड़ा नियंत्रण रखना है।
अमेरिकी Southern Command ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई उन व्यापक दबाव अभियानों का हिस्सा है, जिसमें वेनेजुएला के तेल को नियंत्रित करने और इसके माध्यम से अपराधियों और आतंकवाद की वित्तीय सहायता को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तेल टैंकरों के पीछे चल रही अंतरराष्ट्रीय जटिलताओं को देखते हुए अमेरिकी सेना लगातार निगरानी और कार्रवाई में लगी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई न केवल वेनेजुएला बल्कि रूस और अन्य देशों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि समुद्री कानून और प्रतिबंधों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और राजनीतिक तनाव दोनों प्रभावित हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि प्रतिबंधित और अवैध तेल परिवहन को रोका जा सके।
इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की सख्ती को स्पष्ट किया है और दिखाया कि वे समुद्र में अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ न केवल कड़ी निगरानी करेंगे बल्कि आवश्यक कार्रवाई भी करेंगे। इस बीच, वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय संबंध और राजनयिक वार्ता पर भी इस अभियान का असर देखा जा रहा है।