गरियाबंद घटारानी बाजार में भीषण आग, 16 दुकानें जलीं

Mon 16-Mar-2026,11:38 AM IST +05:30

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गरियाबंद घटारानी बाजार में भीषण आग, 16 दुकानें जलीं Ghatarani-Gariaband-Market-Fire-16-Shops-Burned
  • गरियाबंद के प्रसिद्ध घटारानी धार्मिक स्थल के बाजार में देर रात लगी भीषण आग से 16 दुकानें जलकर राख, दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान।

  • पानी की कमी के कारण ग्रामीणों और दुकानदारों के प्रयासों के बावजूद आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका, जिससे नुकसान बढ़ गया।

Chhattisgarh / Gariaband :

Ghatarani/ छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल घटारानी में शनिवार देर रात भीषण आगजनी की घटना ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। रात करीब 2 बजे लगी आग ने देखते ही देखते बाजार की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि आसपास के लोग और दुकानदार काफी प्रयासों के बावजूद समय रहते इसे नियंत्रित नहीं कर सके। इस हादसे में करीब 16 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं और लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया।

जानकारी के अनुसार घटना रात करीब 2 बजे की है, जब घटारानी मंदिर परिसर के पुजारी धनसिंग ध्रुव को अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाजें सुनाई दीं। उन्हें शक हुआ कि आसपास कुछ अनहोनी हुई है। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों और दुकानदारों को इसकी सूचना दी। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी और कई दुकानों को अपनी चपेट में ले चुकी थी।

ग्रामीणों और दुकानदारों ने आग बुझाने की भरसक कोशिश की। लोग बर्तनों और बाल्टियों में पानी भरकर आग पर डालते रहे, लेकिन परिसर में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। धीरे-धीरे आग ने पूरे बाजार क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया और 16 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।

इस आगजनी की घटना में दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 15 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर नष्ट हो गया। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि यदि परिसर में पानी की उचित व्यवस्था होती, तो आग को समय रहते बुझाया जा सकता था और नुकसान कम होता।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अधिकांश दुकानें जल चुकी थीं। कई दुकानदारों ने बताया कि उनकी दुकानों में पूजा सामग्री, खाद्य सामग्री और अन्य सामान रखा हुआ था, जो पूरी तरह नष्ट हो गया।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि आग लगने के पीछे किसी शरारती तत्व की भूमिका हो सकती है। कुछ लोगों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में महुआ बीनने वालों द्वारा लगाई गई आग भी फैलकर बाजार तक पहुंची हो सकती है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रभावित दुकानदारों में भीखम साहू, राजेंद्र ध्रुव, सुनीता देवांगन, मनोज यादव, लीला राम गंधर्व, खेमन ध्रुव, रामकुमार यादव, मदन ध्रुव, महेंद्र साहू, नोहर, पूनम साहू और खेलावन ध्रुव सहित कई लोग शामिल हैं। प्रशासन से प्रभावित दुकानदारों ने मुआवजे और बाजार में सुरक्षा तथा पानी की बेहतर व्यवस्था की मांग की है।