लाल किला ब्लास्ट केस में NIA ने मांगा 45 दिन और, नए सबूत सामने

Thu 26-Mar-2026,06:18 PM IST +05:30

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लाल किला ब्लास्ट केस में NIA ने मांगा 45 दिन और, नए सबूत सामने Red-Fort-Blast-Nia-Extension-45-Days
  • लाल किला ब्लास्ट केस में NIA ने नई गिरफ्तारियों और अहम सबूतों के आधार पर जांच पूरी करने के लिए कोर्ट से 45 दिन का अतिरिक्त समय मांगा।

  • पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान एजेंसी ने कहा कि सात आरोपियों के खिलाफ जांच अभी अधूरी है और नए एंगल सामने आए हैं।

Delhi / Delhi :

Delhi/ दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट केस में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। National Investigation Agency (NIA) ने कोर्ट से जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। एजेंसी का कहना है कि हालिया गिरफ्तारियों और नए सबूतों के चलते केस में कई अहम खुलासे हुए हैं, जिन्हें अंतिम रूप देने के लिए और समय जरूरी है। इस मामले की सुनवाई अब स्पेशल NIA कोर्ट में जारी है।

दिल्ली के बहुचर्चित लाल किला ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसी NIA ने एक बार फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एजेंसी ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल कर जांच की समयसीमा 45 दिन और बढ़ाने की मांग की है। NIA का कहना है कि मामले में सात आरोपियों के खिलाफ जांच अभी अधूरी है और हाल ही में हुई गिरफ्तारियों के बाद कई नए तथ्य सामने आए हैं।

NIA की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर माधव खुराना ने कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया। इसमें बताया गया कि जमीर अहमद अहंगर और तुफैल अहमद भट की गिरफ्तारी के बाद केस में नए सुराग मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, इन सबूतों को पुख्ता करने और पूरी चार्जशीट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है।

इससे पहले भी 13 फरवरी को कोर्ट ने जांच अवधि 45 दिन के लिए बढ़ाई थी। उस समय NIA ने 90 दिन का समय मांगा था, लेकिन अदालत ने आंशिक राहत देते हुए सीमित विस्तार दिया था। अब दोबारा समय बढ़ाने की मांग पर कोर्ट ने आरोपियों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है।

हालांकि, आरोपियों की ओर से इस मांग का विरोध किया गया है। बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी हो जानी चाहिए थी और अब बार-बार समय बढ़ाने की मांग उचित नहीं है। उनका तर्क है कि एजेंसी को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है।

गौरतलब है कि इस मामले की पहली गिरफ्तारी 16 नवंबर 2025 को आमिर राशिद मीर की हुई थी। इसके बाद कई अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग समय पर गिरफ्तार किया गया, जिनमें जासिर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. अदील अहमद, डॉ. शाहीन सईद और शोएब शामिल हैं।

यह पूरा मामला 11 नवंबर 2025 का है, जब दिल्ली के लाल किले के पास एक भीड़भाड़ वाले इलाके में कार में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट में 12 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठे थे और पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी किया गया था।

इस केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं और जांच एजेंसी हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। अब देखना होगा कि कोर्ट NIA को अतिरिक्त समय देता है या नहीं, क्योंकि यह फैसला पूरे मामले की दिशा तय कर सकता है।