बस्तर में बड़ा सरेंडर: 25 लाख का इनामी नक्सली पापा राव 17 साथियों संग करेगा आत्मसमर्पण

Tue 24-Mar-2026,11:29 AM IST +05:30

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बस्तर में बड़ा सरेंडर: 25 लाख का इनामी नक्सली पापा राव 17 साथियों संग करेगा आत्मसमर्पण Papa-Rao-Naxal-Surrender-Bastar-17-Cadres
  • पापा राव का संभावित आत्मसमर्पण बस्तर में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका दे सकता है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।

  • सुरक्षा एजेंसियों की रणनीतिक बातचीत और ऑपरेशन का परिणाम माना जा रहा यह सरेंडर, लंबे समय से चल रही नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में अहम कदम।

Chhattisgarh / Bastar :

बस्तर/ छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव अब आत्मसमर्पण की राह पर बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वह अपने 17 साथियों के साथ सरेंडर कर सकता है। यदि यह होता है, तो इसे बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पापा राव अगले कुछ घंटों में बीजापुर पहुंच सकता है, जहां आत्मसमर्पण की पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बताया जा रहा है कि वह AK-47 सहित कई आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करेगा। इसके बाद उसे जगदलपुर ले जाया जाएगा, जहां बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के सामने वह औपचारिक रूप से सरेंडर करेगा।

सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हाई अलर्ट पर हैं। पापा राव को सुरक्षित लाने के लिए पुलिस बल की एक विशेष टीम पहले ही इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र के एक गोपनीय स्थान के लिए रवाना हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण लंबे समय से चल रही गुप्त बातचीत और रणनीतिक प्रयासों का परिणाम है।

पापा राव को बस्तर क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क का एक बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। करीब 25 लाख रुपये का इनामी यह कमांडर वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय सदस्य रह चुका है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों की कमान उसके हाथ में रही है।

उसका नाम कई बड़े नक्सली हमलों में सामने आया है। खासतौर पर कुटरू-बेदरे रोड पर हुए आईईडी ब्लास्ट का उसे मास्टरमाइंड माना जाता है, जिसमें 8 जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा कई एंबुश और सुरक्षाबलों पर हमलों की रणनीति तैयार करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उसके खिलाफ हत्या, हमला और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामले दर्ज हैं।

पापा राव पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) में भी अहम भूमिका निभा चुका है। संगठन के ऑपरेशनल और रणनीतिक फैसलों में उसकी सीधी भागीदारी रही है। उसकी पत्नी उर्मिला, जो PLGA की सदस्य थी, पहले ही एक मुठभेड़ में मारी जा चुकी है।

यदि यह आत्मसमर्पण होता है, तो इसे बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जाएगा। पहले ही कई शीर्ष नक्सली या तो मारे जा चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। ऐसे में पापा राव का सरेंडर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। फिलहाल प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।