हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद: विरोध के बाद सुक्खू सरकार ने लिया यू-टर्न, पुरानी दरें लागू

Tue 31-Mar-2026,09:54 PM IST +05:30

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हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद: विरोध के बाद सुक्खू सरकार ने लिया यू-टर्न, पुरानी दरें लागू Himachal Entry Tax Rollback
  •  विरोध के बाद सरकार ने एंट्री टैक्स बढ़ोतरी वापस ली. 

  • अब पुरानी दरों पर ही वाहनों से टैक्स वसूला जाएगा. 

  •  बॉर्डर पर तनाव और विरोध प्रदर्शन में कमी की उम्मीद. 

Himachal Pradesh / Mandi :

Himachal Pradesh / हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार सरकार के यू-टर्न के साथ थम गया। कांग्रेस सरकार द्वारा एंट्री टैक्स में भारी बढ़ोतरी के फैसले ने न केवल राज्य के भीतर बल्कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में भी तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी थी। लगातार बढ़ते विरोध और बॉर्डर पर बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को यह फैसला वापस लेना पड़ा।

मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बढ़ी हुई दरों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। अब प्रदेश में प्रवेश करने वाले वाहनों से वही पुराना एंट्री टैक्स लिया जाएगा, जो पहले लागू था। इसके तहत पांच सीटर वाहनों से 70 रुपये और 6 से 12 सीटर वाहनों से 110 रुपये ही वसूले जाएंगे। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि बॉर्डर चेक पोस्ट पर पुराने सॉफ्टवेयर और पुरानी दरों के अनुसार ही पर्चियां काटी जाएं।

दरअसल, सरकार ने पहले छोटे वाहनों के एंट्री टैक्स को 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया था, जबकि बड़े वाहनों पर भी टैक्स में भारी वृद्धि की गई थी। इस फैसले का सीधा असर उन लोगों पर पड़ने वाला था, जो रोजाना हिमाचल और पड़ोसी राज्यों के बीच आवागमन करते हैं। इसके साथ ही व्यापारिक संगठनों और परिवहन संघों ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। बॉर्डर इलाकों में जाम और तनाव की स्थिति बन गई थी, जिससे पर्यटन और माल ढुलाई भी प्रभावित हो रही थी।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए इसे जनविरोधी बताया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह फैसला राज्य की अर्थव्यवस्था, खासकर पर्यटन क्षेत्र के लिए नुकसानदायक साबित होता। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी तर्कहीन है और इससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ता।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पंजाब सरकार ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने साफ कहा कि अगर हिमाचल उनके वाहनों से बढ़ा हुआ टैक्स वसूलेगा, तो पंजाब भी हिमाचल के वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाएगा।

लगातार बढ़ते दबाव, विरोध प्रदर्शन और संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौती को देखते हुए आखिरकार हिमाचल सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। अब सरकार का यह कदम लोगों को राहत देने के साथ-साथ राज्यों के बीच तनाव को भी कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।