एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर तहसील प्रशासन सख्त, प्रस्तावित क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्य पर रोक
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Lakhimpur Kheri News
एक्सप्रेसवे क्षेत्र में जमीन खरीद-फरोख्त और निर्माण पर रोक.
कई गांवों में लागू किया गया प्रशासनिक आदेश.
उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी.
लखीमपुर खीरी / जनपद में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्र की जमीनों पर फिलहाल खरीद-फरोख्त, प्लॉटिंग, निर्माण कार्य तथा भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज़ चेंज) पर रोक लगा दी है। तहसीलदार सदर लखीमपुर की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध उन गांवों में लागू किया गया है जो प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजना के दायरे में आने की संभावना रखते हैं। प्रशासन का कहना है कि परियोजना को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और भविष्य में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही भी की जा सकती है। ऐसे में परियोजना क्षेत्र में अनियमित खरीद-बिक्री, अवैध निर्माण और प्लॉटिंग जैसी गतिविधियों को रोकना जरूरी है, ताकि बाद में किसी प्रकार का विवाद या कानूनी जटिलता पैदा न हो। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लखीमपुर तहसील के कई राजस्व गांव इस परियोजना की संभावित सीमा में आते हैं, जिनमें गौरिया, कटेसरवा, हसनापुर आवल, सरैंया, पचौरा, पिपरिया अडू, गुरदन खुर्द, बेलवा, सरसां मुराद, मुडियान, टीकर, दुशार, डिहोरा, महमदाबाद, मझगवां खुर्द, मरसवां, कलीपुर, चकफरमानपुर, मुंडेर कला, सराय मुबारकपुर, सैदपुर करनपुर, बेरियार, कोठरा, परसेहरा आवल, सरवनपुर और फत्तेपुर जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों में किसी भी प्रकार की जमीन की रजिस्ट्री, निर्माण कार्य, प्लॉटिंग या भूमि उपयोग परिवर्तन करने पर अगली सूचना तक पूर्ण रूप से रोक रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तहसील प्रशासन का कहना है कि एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी आधारभूत परियोजनाओं के क्रियान्वयन से पहले भूमि से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करना बेहद जरूरी होता है। कई बार ऐसी परियोजनाओं की सूचना मिलने के बाद जमीनों की खरीद-बिक्री तेजी से बढ़ जाती है और कुछ लोग अवैध प्लॉटिंग या निर्माण कर लेते हैं, जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया में बाधाएं पैदा होती हैं। इसी स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाते हुए यह आदेश जारी किया है। तहसीलदार ने संबंधित राजस्व अधिकारियों, लेखपालों और विभागीय कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन गांवों में निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। इसके साथ ही उपजिलाधिकारी सदर, सहायक राजस्व निरीक्षक और तहसील के सभी रजिस्ट्रार कार्यालयों को भी आदेश की प्रति भेजी गई है, ताकि कोई भी रजिस्ट्री या भूमि से संबंधित कार्य इस आदेश के विपरीत न किया जा सके। प्रशासन ने किसानों, भूमिधरों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह का जमीन से जुड़ा लेन-देन करने से पहले तहसील कार्यालय से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें और अफवाहों से बचें। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे परियोजना क्षेत्र के विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इसलिए जरूरी है कि इसकी प्रक्रिया पारदर्शी और विवाद रहित तरीके से पूरी हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे शासन से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर समय-समय पर नई जानकारी जारी की जाएगी, इसलिए सभी संबंधित लोगों को आधिकारिक सूचना का ही इंतजार करना चाहिए।