मथुरा में दो बड़े हादसे, एक्सप्रेसवे पर बस पलटी, यमुना में नाव हादसा, 13 की मौत

Sun 12-Apr-2026,11:13 PM IST +05:30

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मथुरा में दो बड़े हादसे, एक्सप्रेसवे पर बस पलटी, यमुना में नाव हादसा, 13 की मौत Yamuna Expressway Accident
  • एक्सप्रेसवे पर बस हादसा, कई यात्री घायल. 

  • यमुना नदी में नाव हादसे में 13 की मौत. 

  • लापता लोगों की तलाश और जांच जारी. 

Uttar Pradesh / Mathura :

Mathura / उत्तर प्रदेश के मथुरा में हाल ही में हुए दो दर्दनाक हादसों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, तो दूसरी तरफ यमुना नदी में नाव पलटने से कई परिवारों की खुशियां उजड़ गईं।

पहली घटना यमुना एक्सप्रेसवे पर थाना नौहझील क्षेत्र के माइलस्टोन 76 के पास हुई, जहां नोएडा से बिहार जा रही एक हाई-स्पीड डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में करीब 100 यात्री सवार थे। हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दुर्घटना में करीब 20 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

वहीं, इससे पहले मथुरा जिले में यमुना नदी में एक और भयावह हादसा हुआ, जिसने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया। वृंदावन में नौकाविहार के दौरान एक नाव पलट गई, जिसमें सवार श्रद्धालुओं में से कई लोग डूब गए। इस हादसे के दो दिन बाद रविवार सुबह तीन और शव बरामद किए गए, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस के अनुसार, अभी भी तीन लोग लापता हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है।

बताया जा रहा है कि पंजाब के जगराओं से आए श्रद्धालु दो बसों में सवार होकर वृंदावन पहुंचे थे। वे यमुना नदी में नौकाविहार करते हुए मांट क्षेत्र स्थित देवराहा बाबा की समाधि के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान एक नाव, जिसे पप्पू उर्फ दाऊजी चला रहा था, तेज गति में थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्रद्धालुओं ने कई बार नाविक से रफ्तार कम करने की अपील की, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया और कहा कि यह उसका रोज का काम है। इसी लापरवाही के चलते नाव अचानक संतुलन खो बैठी और पलट गई।

इस हादसे में जहां 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं बाद में शव मिलने से आंकड़ा बढ़ गया। हालांकि, 22 लोगों को समय रहते नाविकों और गोताखोरों की मदद से बचा लिया गया, जिससे बड़ी संख्या में जानें बच सकीं।

इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चाहे सड़क हो या नदी, नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

मथुरा में हुए ये हादसे सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि कई परिवारों के लिए गहरा दुख और अपूरणीय क्षति बनकर सामने आए हैं। ऐसे में जरूरत है कि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।