लखीमपुर खीरी में युवक ने तेंदुए को पकड़ा, हमले में घायल लेकिन सुरक्षित
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लखीमपुर खीरी में युवक ने तेंदुए के हमले से बचते हुए साहस दिखाया, ग्रामीणों की मदद से तेंदुए को रस्सी से बांधकर बड़ा हादसा टाला।
घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी, डॉक्टरों ने खतरे से बाहर बताया, वन विभाग ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
लखीमपुर खीरी/ उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। धौरहरा वन रेंज के अंतर्गत आने वाले देवी पुरवा गांव के पास एक युवक का अचानक तेंदुए से सामना हो गया। हमले के बावजूद युवक ने अद्भुत साहस दिखाते हुए न केवल खुद को बचाया बल्कि तेंदुए को काबू में कर रस्सी से बांध भी दिया। हालांकि इस संघर्ष में युवक घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार देवी पुरवा गांव निवासी लगभग 30 वर्षीय अंकुल भार्गव सोमवार सुबह करीब 10 बजे अपने खेत की ओर गए थे। बताया जा रहा है कि वह खेत के पास किसी व्यक्ति को बुलाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें गेहूं के खेत की तरफ से किसी जानवर के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कोई जंगली जानवर खेत में घुस आया है, लेकिन जब वे आवाज की दिशा में आगे बढ़े तो सामने तेंदुआ देखकर उनके होश उड़ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अंकुल कुछ समझ पाते उससे पहले ही तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई। अंकुल ने खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाकर गांव वालों को मदद के लिए बुलाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण भी मौके की ओर दौड़ पड़े।
इस बीच अंकुल ने हिम्मत नहीं हारी और तेंदुए से भिड़ गए। संघर्ष के दौरान उन्होंने किसी तरह तेंदुए को काबू में कर लिया। ग्रामीणों के पहुंचने के बाद रस्सी की मदद से तेंदुए को खेत में ही बांध दिया गया ताकि वह भाग न सके और किसी अन्य व्यक्ति पर हमला न कर सके। यह दृश्य देखकर गांव के लोग भी हैरान रह गए, क्योंकि आमतौर पर तेंदुए जैसे खतरनाक जानवर से सामना होने पर लोग भागने की कोशिश करते हैं।
तेंदुए से हुई इस भिड़ंत में अंकुल का एक हाथ घायल हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी तुरंत मौके पर पहुंच गई। टीम ने खेत में बंधे तेंदुए को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल या खेतों के आसपास अकेले न जाएं और किसी जंगली जानवर के दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि धौरहरा वन क्षेत्र के आसपास कभी-कभी जंगली जानवर भोजन या पानी की तलाश में गांवों की ओर आ जाते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
इस घटना के बाद देवी पुरवा गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार इलाके में जंगली जानवरों की हलचल देखी है, लेकिन इस तरह तेंदुए से सीधी भिड़ंत की घटना पहली बार सामने आई है।
गांव के लोगों ने अंकुल की बहादुरी की जमकर सराहना की है। उनका कहना है कि अगर उस समय तेंदुआ भाग जाता तो वह किसी और पर भी हमला कर सकता था। अंकुल की हिम्मत और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल वन विभाग इलाके में निगरानी बढ़ाने की बात कह रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।