Yuva Sangam 2026: उत्तराखंड के युवाओं की पश्चिम बंगाल यात्रा, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Yuva Sangam 2026
युवा संगम 2026 के तहत उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल की यात्रा की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की।
प्रिंसेप घाट और सुंदरवन के दौरे से युवाओं को इतिहास, संस्कृति और प्रकृति को जानने का अवसर मिला।
New Delhi / एक तरफ हिमालय की देवभूमि उत्तराखंड, तो दूसरी तरफ बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत! आखिर इस अनोखे मिलन में युवाओं को क्या नया सीखने को मिला? राज्यपाल से मुलाकात, ऐतिहासिक स्थल और सुंदरवन की यात्रा ने इस अभियान को खास बनाया।
भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल जारी है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत युवा संगम के सातवें चरण का संचालन किया जा रहा है। इस पहल के तहत देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, शिक्षा व्यवस्था, नवाचार और विकास से जुड़ी गतिविधियों को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।
इसी क्रम में उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल की पश्चिम बंगाल यात्रा 7 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई। इस प्रतिनिधिमंडल का नोडल संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय है, जबकि पश्चिम बंगाल में इसकी मेजबानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी खड़गपुर कर रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य केवल पर्यटन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान, अनुभवात्मक शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देना है।
यात्रा के दौरान 8 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की। इस अवसर पर शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवाओं के बीच संबंध मजबूत करने के महत्व पर चर्चा हुई। इस संवाद ने छात्रों और शिक्षकों को पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और सामाजिक विविधता को समझने का अवसर दिया।
इसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को प्रतिनिधिमंडल ने कोलकाता के प्रसिद्ध प्रिंसेप घाट और सुंदरवन का दौरा किया। हुगली नदी के किनारे स्थित प्रिंसेप घाट अपने ऐतिहासिक महत्व और आकर्षक परिवेश के लिए जाना जाता है। यहां प्रतिभागियों को कोलकाता की विरासत और शहर के विशिष्ट वातावरण को करीब से देखने का अवसर मिला।
वहीं, सुंदरवन की यात्रा ने प्रतिनिधिमंडल के अनुभवों में प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ा। सुंदरवन अपने विशाल मैंग्रोव वन क्षेत्र और अनूठे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे स्थलों का अनुभव युवाओं को भारत की प्राकृतिक संपदा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने में मदद कर सकता है।
युवा संगम के सातवें चरण में कुल 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार प्रणालियों और विकासात्मक पहलों से जुड़ने का अवसर दिया जा रहा है। इस तरह की यात्राएं युवाओं को अपने परिचित परिवेश से बाहर निकलकर नए समुदायों से संवाद करने, अलग-अलग जीवनशैलियों को समझने और नए संबंध बनाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की मूल भावना भी यही है कि भाषाओं, परंपराओं, भौगोलिक परिस्थितियों और सांस्कृतिक पहचान में अंतर होने के बावजूद देश के नागरिक एक साझा राष्ट्रीय पहचान से जुड़े रहें। युवा संगम इसी सोच को व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड के युवाओं की पश्चिम बंगाल यात्रा शिक्षा, संस्कृति, इतिहास और प्रकृति को एक साथ समझने का अवसर प्रदान कर रही है। ऐसी पहलें युवाओं के बीच आपसी सम्मान, सहयोग और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।