ITR Deadline 2026 | ITR की डेडलाइन बढ़ी? CBDT के नए फैसले से किसे मिलेगा फायदा?
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ITR Deadline 2026
संबंधित टैक्सपेयर्स के लिए ITR की नई अंतिम तारीख 21 नवंबर 2026 है।
ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की निर्धारित तारीख 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।
कंपनियों, बिजनेस फर्म्स और पात्र प्रोफेशनल्स को अतिरिक्त समय मिल सकता है।
New Delhi / इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन नजदीक थी, लेकिन अब कई टैक्सपेयर्स को अतिरिक्त समय मिल गया है। CBDT के नए फैसले के बाद कंपनियों, बिजनेस फर्म्स और ऑडिट कराने वाले प्रोफेशनल्स के लिए रिटर्न की तारीख बदल गई है।
इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करने वाले कई टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी CBDT ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए कुछ विशेष श्रेणी के करदाताओं की रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। पहले जहां इन मामलों में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 थी, अब इसे बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दिया गया है।
CBDT के आदेश के मुताबिक यह बदलाव आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 की उपधारा (1) के स्पष्टीकरण 2 के तहत दी गई तालिका के क्रम संख्या 2 में आने वाले करदाताओं के लिए किया गया है। यह मुख्य रूप से उन मामलों से संबंधित है, जहां करदाताओं या संस्थाओं के खातों का ऑडिट कराया जाना जरूरी होता है।
इस श्रेणी में कई तरह के कारोबारी और पेशेवर शामिल हो सकते हैं। कंपनियों के अलावा ऐसे बिजनेस और प्रोफेशनल्स भी इसके दायरे में आते हैं, जिनके लिए कानून के तहत खातों का ऑडिट आवश्यक है। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंसल्टेंट और दूसरे प्रोफेशनल्स शामिल हो सकते हैं, बशर्ते वे संबंधित नियमों के तहत ऑडिट की आवश्यकता वाली श्रेणी में आते हों।
इसी के साथ ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की निर्धारित तारीख में भी बदलाव किया गया है। CBDT के मुताबिक आकलन वर्ष 2026-27 के लिए इन मामलों में ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की ‘specified date’ अब 21 अक्टूबर 2026 होगी। इससे ऑडिट पूरा करने और उसके आधार पर ITR दाखिल करने की प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध होगा।
कंपनियों और कारोबारी संस्थाओं के लिए यह समय सीमा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ऑडिट के बाद ही संबंधित मामलों में रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। ऐसे में ऑडिट रिपोर्ट की समय सीमा बढ़ने का सीधा संबंध रिटर्न दाखिल करने की विस्तारित समय सीमा से है।
पार्टनरशिप फर्म, LLP और अन्य कारोबारी इकाइयों में भी उन मामलों को इस विस्तार से फायदा मिल सकता है, जिनके खातों का ऑडिट आयकर कानून या किसी अन्य लागू कानून के तहत अनिवार्य है। इसी तरह कुछ ट्रस्ट, Association of Persons यानी AOP और Body of Individuals यानी BOI भी, यदि वे ऑडिट के दायरे में आते हैं, तो संबंधित श्रेणी में शामिल हो सकते हैं।
इस फैसले से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स को भी ऑडिट और रिटर्न फाइलिंग से जुड़े काम को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। खास तौर पर उन मामलों में जहां बड़ी संख्या में वित्तीय दस्तावेजों की जांच, खातों का मिलान और ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने की जरूरत होती है, अतिरिक्त समय उपयोगी साबित हो सकता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि 31 अक्टूबर से 21 नवंबर की नई ITR तारीख हर टैक्सपेयर पर लागू नहीं है। यह विस्तार CBDT द्वारा निर्दिष्ट विशेष श्रेणी के करदाताओं के लिए है। इसलिए रिटर्न दाखिल करने वालों को अपनी टैक्स श्रेणी और लागू समय सीमा की पुष्टि करके ही ITR दाखिल करने की योजना बनानी चाहिए।
फिलहाल CBDT के इस फैसले से आकलन वर्ष 2026-27 के लिए संबंधित ऑडिट मामलों में ITR की नई अंतिम तारीख 21 नवंबर 2026 और ऑडिट रिपोर्ट की निर्धारित तारीख 21 अक्टूबर 2026 हो गई है। यानी जिन टैक्सपेयर्स के लिए यह विस्तार लागू है, उन्हें अब पहले की तुलना में अतिरिक्त समय मिल गया है।