LPU Protest | LPU बवाल पर अभिजीत दीपके बोले- महिलाओं के लिए हॉस्टल सबसे सुरक्षित हो
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LPU Protest
अभिजीत दीपके ने LPU हॉस्टल में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
कथित दुष्कर्म के दावे के बाद LPU कैंपस में विरोध और हिंसा हुई।
मामले की जांच के लिए SIT गठित है, जबकि यूनिवर्सिटी ने आरोपों से इनकार किया है।
Phagwara / पंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University यानी LPU में छात्रों के विरोध और हिंसा के बीच अब कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस का हॉस्टल छात्राओं के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए।
दीपके ने सोमवार, 28 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर LPU से जुड़ा एक वीडियो साझा किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं हॉस्टल में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरत के लिए प्रदर्शन या संघर्ष करने की स्थिति नहीं आनी चाहिए।
यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब LPU में कथित तौर पर एक छात्रा के साथ दुष्कर्म के दावे के बाद छात्रों का विरोध हिंसक हो गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रों ने कैंपस में तोड़फोड़ की, कुछ जगहों पर आगजनी हुई और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बाधित किया गया।
रविवार शाम स्थिति दोबारा बिगड़ गई। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया। एक पुलिस वाहन में आग लगाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई। बाद में ADGP एमएफ फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल कैंपस पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।
मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है और जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में CCTV फुटेज, फोरेंसिक सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। अभी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
दूसरी ओर, LPU प्रबंधन ने छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना से इनकार किया है। यूनिवर्सिटी ने वायरल दावों को अफवाह और अपुष्ट जानकारी बताया है तथा जांच में पुलिस को सहयोग देने की बात कही है।
हिंसा के बाद LPU ने 28 सितंबर से नियमित कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। छात्रों को अपने घर जाने की अनुमति दी गई है, जबकि कैंपस में रुकने वाले विद्यार्थियों को हॉस्टल या अपने आवास पर रहने की सलाह दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ छात्र सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी प्रबंधन वायरल दावों को गलत बता रहा है। अब SIT की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल आरोपों के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था।