Parliament Monsoon Session 2026: सर्वदलीय बैठक में विपक्ष का Walkout, TMC बागी सांसदों पर विवाद

Sun 19-Jul-2026,09:49 PM IST +05:30

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Parliament Monsoon Session 2026: सर्वदलीय बैठक में विपक्ष का Walkout, TMC बागी सांसदों पर विवाद Monsoon Session News
  • सर्वदलीय बैठक में टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर विपक्ष ने वॉकआउट किया।

  • बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने प्रमुख विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया।

  • 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर जोरदार बहस की संभावना।

Delhi / Delhi :

New Delhi / संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार को संसद भवन एनेक्सी में आयोजित सर्वदलीय बैठक राजनीतिक विवादों के बीच संपन्न हुई। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), डीएमके सहित लगभग 40 राजनीतिक दलों के 58 नेताओं ने भाग लिया। हालांकि बैठक के दौरान विपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को आमंत्रित किए जाने के विरोध में सांकेतिक वॉकआउट किया।

विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों के समूह को बैठक में आमंत्रित किया, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अभी तक उनके नए दल को औपचारिक मान्यता नहीं दी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आम आदमी पार्टी, जेएमएम, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वामपंथी दलों और शिवसेना (उद्धव गुट) सहित कई विपक्षी दलों ने बैठक का बहिष्कार किया।

बैठक के बाद लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक भी हुई, जिसमें मानसून सत्र के दौरान विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि एफसीआरए संशोधन विधेयक, आयकर संशोधन विधेयक, न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक, जन्म-मृत्यु पंजीकरण विधेयक और वंदे मातरम् से जुड़े विधेयक पर चार-चार घंटे चर्चा होगी, जबकि एमएसएमई विधेयक पर पांच घंटे का समय तय किया गया है।

इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार पर संसदीय परंपराओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि लोकसभा रिकॉर्ड में टीएमसी के 28 सांसद दर्ज हैं, जबकि नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के नाम से दावा करने वाले 20 बागी सांसदों के विलय को अभी तक स्पीकर की औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें सर्वदलीय बैठक में शामिल करना नियमों के अनुरूप नहीं है।

दूसरी ओर सरकार का कहना है कि जब मामला लोकसभा अध्यक्ष के विचाराधीन है और सांसदों का समूह मौजूद है, तो संवाद प्रक्रिया में उन्हें शामिल करना आवश्यक है। इसी बीच टीएमसी से अलग हुए सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने स्वयं को एनसीपीआई का नेता बताते हुए बैठक में भाग लिया। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें संसद में नई सीट भी आवंटित कर दी है। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हुए छह सांसदों को भी लोकसभा में अलग बैठने की अनुमति दे दी गई है।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम् से संबंधित विधेयक पेश करेंगे। ऐसे में सत्र की शुरुआत से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और सदन में तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।