IIT दिल्ली में प्रदर्शन पर निदेशक की चेतावनी, छात्रों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

Sat 29-Aug-2026,02:57 PM IST +05:30

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IIT दिल्ली में प्रदर्शन पर निदेशक की चेतावनी, छात्रों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई IIT Delhi Protest
  • IIT दिल्ली प्रदर्शन: छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।

  • निदेशक की चेतावनी: परिसर की गतिविधियों में बाधा डालने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत।

  • जांच में बदलाव: मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता में बाहरी समिति जांच आगे बढ़ाएगी।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / IIT दिल्ली में 31 वर्षीय MSc फिजिक्स छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के विरोध में जारी प्रदर्शन के बीच संस्थान के निदेशक रंगन बनर्जी ने छात्रों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। छात्रों का आंदोलन कुमार की मौत की जिम्मेदारी तय करने और मामले की पारदर्शी जांच की मांग को लेकर चल रहा है। गुरुवार देर रात छात्रों ने परिसर में मार्च निकाला, जिसके बाद निदेशक की ओर से छात्रों को ईमेल भेजकर परिसर के कामकाज और शांतिपूर्ण माहौल को प्रभावित न करने की चेतावनी दी गई।

निदेशक रंगन बनर्जी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 10:30 बजे से 12:30 बजे के बीच स्थिति काफी बिगड़ गई थी। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्र संस्थान के आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच गए और कुछ संकाय सदस्यों के घरों के बाहर प्रदर्शन किया गया। ईमेल में बनर्जी ने कहा कि कुछ नारे अपमानजनक और धमकी भरे थे। इससे शिक्षकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, निजी जीवन और शांतिपूर्ण वातावरण प्रभावित हुआ।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान आवासीय इलाकों, कक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने वाले व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगा। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

आधी रात को निकाला गया मार्च
ऋषिकेश कुमार की मौत को लेकर छात्र गुरुवार रात मार्च पर निकले थे। प्रदर्शनकारी परिसर से गुजरते हुए शिक्षकों से बाहर आने और आंदोलन के समर्थन में एकजुटता दिखाने की अपील कर रहे थे। छात्रों की मुख्य मांग है कि कुमार की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाए।

हालांकि, निदेशक की चेतावनी के बाद कुछ छात्रों में चिंता भी सामने आई है। उनका कहना है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई का असर उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और प्लेसमेंट गतिविधियों में भागीदारी पर पड़ सकता है। एक छात्र ने आशंका जताई कि निदेशक का संदेश मौजूदा विरोध आंदोलन को कमजोर कर सकता है।

जांच समिति का हुआ पुनर्गठन
विरोध के बीच IIT दिल्ली ने ऋषिकेश कुमार की मौत की जांच के लिए गठित बाहरी समिति में भी बदलाव किया है। उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार के निजी कारणों से समिति से अलग होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता को समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

नई समिति में AIIMS दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रताप शरण, दो छात्र प्रतिनिधि और IIT दिल्ली के रजिस्ट्रार भी शामिल हैं। संस्थान के अनुसार, जांच समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है।

परिवार को वित्तीय सहायता
निदेशक बनर्जी ने बताया कि संस्थान के परोपकारी कोष के माध्यम से ऋषिकेश कुमार के परिवार के लिए वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इसके अलावा शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों के स्वैच्छिक योगदान से अलग सहायता कोष भी बनाया गया है।

संस्थान ने यह भी बताया कि अगले सप्ताह एक बाहरी लोकपाल नियुक्त किया जाएगा। IIT दिल्ली प्रशासन का कहना है कि छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत जारी है और छात्रों की चिंताओं को समझने की कोशिश की जा रही है।

एक वीडियो संदेश में निदेशक रंगन बनर्जी ने स्वीकार किया कि छात्रों को समर्थन देने के लिए मौजूदा उपाय पर्याप्त नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान को छात्रों का विश्वास दोबारा कायम करने के लिए अलग-अलग तरीकों पर काम करने की जरूरत है।

फिलहाल IIT दिल्ली में प्रदर्शन, जांच और प्रशासन के बीच संवाद का दौर जारी है। छात्रों की मांग है कि ऋषिकेश कुमार की मौत की जांच पारदर्शी तरीके से हो, जबकि संस्थान ने परिसर की शैक्षणिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया है।