छत्तीसगढ़ में लागू पेंशन निधि नियम 2026
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छत्तीसगढ़ सरकार ने OPS कर्मचारियों के लिए पेंशन निधि नियम 2026 लागू कर भविष्य के पेंशन भुगतान को सुरक्षित करने की ठोस व्यवस्था बनाई।
OPS फंड को केवल सरकारी बॉन्ड, RBI स्वीकृत साधनों और सुरक्षित निवेश माध्यमों में लगाकर जोखिम न्यूनतम रखा जाएगा।
निधि प्रबंधन इकाई निवेश, निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी ताकि राज्य के बजट पर भविष्य का पेंशन बोझ कम हो।
Raipur/ राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए पेंशन निधि नियम 2026 के तहत OPS से जुड़े कर्मचारियों की पेंशन राशि को एक समर्पित निधि में सुरक्षित किया जाएगा। यह निधि राज्य के दीर्घकालिक वित्तीय प्रबंधन का अहम हिस्सा होगी। सरकार इस निधि की राशि को केवल सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माध्यमों में लगाएगी, जिससे जोखिम न्यूनतम रहे और स्थिर प्रतिफल मिल सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, OPS फंड को भारत सरकार की प्रतिभूतियों, केंद्र और राज्य सरकारों के बॉन्ड, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सरकारी उपक्रमों (PSU Bonds) और RBI द्वारा अनुमोदित अन्य सुरक्षित साधनों में निवेश किया जाएगा। इस निधि का उपयोग केवल पेंशन और सेवानिवृत्ति के बाद देय लाभों के भुगतान के लिए ही किया जाएगा।
भविष्य के पेंशन बोझ से निपटने की रणनीति:
आने वाले वर्षों में राज्य सरकार पर पेंशन भुगतान का दबाव तेजी से बढ़ने की संभावना है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के कारण वार्षिक पेंशन व्यय में भारी वृद्धि होगी। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले से ही संसाधन जुटाने और निवेश आधारित समाधान अपनाने का निर्णय लिया है। पेंशन निधि नियम 2026 इसी रणनीति का हिस्सा है, जो राज्य के बजट पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम करेगा।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ:
यह निधि उन सभी कर्मचारियों के लिए लागू होगी जो पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत आते हैं। इसमें वे कर्मचारी भी शामिल हैं जिन्होंने एनपीएस छोड़कर ओपीएस को चुना है, साथ ही वे कर्मचारी जिनकी नियुक्ति 1 नवंबर 2004 के बाद हुई और जो वर्तमान में राज्य सरकार की पेंशन व्यवस्था में शामिल हैं।
निधि प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था:
नियमों के तहत अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत एक निधि प्रबंधन इकाई का गठन किया जाएगा। यह इकाई निवेश नीति तैयार करेगी, फंड के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी और विनिवेश या पुनर्निवेश से जुड़े फैसलों को मंजूरी देगी।
इस इकाई में वित्त विभाग के सचिव अध्यक्ष होंगे, जबकि बजट संचालक उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। साथ ही, दैनिक संचालन की निगरानी के लिए उप-सचिव स्तर से कम नहीं एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि पेंशन निधि का संचालन पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हो।