ओरछा में भव्य हिन्दू सम्मेलन
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Orchha-Hindu-Conference-Social-Harmony
ओरछा में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण पर संघ पदाधिकारियों ने विचार साझा किए।
भारत माता की आरती के साथ सम्मेलन का समापन, समाज में एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।
Madhya Pradesh/ ओरछा नगर में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में एक भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक बृजकांत भाईसाहब ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत कर समाज को समरसता, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया। बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।
ओरछा नगर में आयोजित इस हिन्दू सम्मेलन ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता का मजबूत संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रकाश बाल्मिक उपस्थित रहे, जबकि छारद्वारी आश्रम के प्रमुख संत त्रिलोकी दास महाराज ने अपने आशीर्वचन से उपस्थित जनसमूह को मार्गदर्शन दिया। सम्मेलन में मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व श्रीमती राजकुमारी ने किया, जिनकी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
मुख्य वक्ता बृजकांत भाईसाहब ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की मजबूती आपसी समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से आती है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का संचालन जयहिंद स्वतंत्र ने किया, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी संयोजक दीपक सेन एवं सह-संयोजिका अल्का खरे ने संभाली। आयोजन को सफल बनाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। सभी अतिथियों का स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन खंड कार्यवाह रूपेश घोष द्वारा किया गया।
सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज में एकता बनाए रखने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने पर बल दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने भारत माता की आरती कर राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दिया।आयोजन को सामाजिक चेतना और वैचारिक मजबूती देने वाला बताते हुए सकल हिन्दू समाज एवं आयोजकों को उपस्थित जनसमूह ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।