पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन पर ED का बड़ा एक्शन

Tue 03-Feb-2026,12:28 PM IST +05:30

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पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन पर ED का बड़ा एक्शन ED-Raids-West-Bengal-Illegal-Coal-Mining
  • पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने 10 परिसरों पर छापेमारी की।

  • जांच एजेंसी को करोड़ों रुपये की अवैध कमाई और पुलिस-स्थानीय नेटवर्क की मिलीभगत का संदेह।

West Bengal / Kolkata :

West Bengal/ पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। मंगलवार सुबह से ही केंद्रीय एजेंसी राज्य के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही इस कार्रवाई में कई प्रभावशाली लोगों और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में कथित अवैध कोयला खनन और उसके परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 10 परिसरों पर एक साथ तलाशी ली जा रही है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की जा रही है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले के केंद्र में राज्य पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल हैं। ईडी की टीमें मनोरंजन मंडल से जुड़े परिसरों के अलावा, इस कथित कोयला सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों के ठिकानों की भी तलाशी ले रही हैं। सूत्रों का कहना है कि यह नेटवर्क अवैध कोयला खनन और परिवहन के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध कमाई में शामिल था।

अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के परिसरों पर छापेमारी की जा रही है, उनमें किरण खान, शेख अख्तर, प्रबीर दत्ता और मिर्जा एच बेग जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी पर अवैध कोयला कारोबार से प्राप्त धन को विभिन्न माध्यमों से वैध बनाने का संदेह है। ईडी को शक है कि इस नेटवर्क ने वर्षों तक संगठित तरीके से अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया।

ईडी का कहना है कि यह मामला उस अन्य कथित कोयला घोटाले से अलग है, जिसकी जांच पहले से चल रही है और जिसमें पिछले महीने कोलकाता में एक राजनीतिक परामर्श कंपनी के परिसर पर भी छापा मारा गया था। हालांकि दोनों मामलों में अवैध कोयला कारोबार की कड़ियां आपस में जुड़ी हो सकती हैं।

जांच एजेंसी को संदेह है कि अवैध कोयला खनन के जरिए करोड़ों रुपये की कमाई की गई और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। आरोप है कि इस पूरे खेल में कुछ पुलिस अधिकारियों और स्थानीय प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत रही, जिससे अवैध कोयले का परिवहन बिना रोक-टोक होता रहा।

इस अवैध गतिविधि के कारण न सिर्फ सरकारी खजाने को भारी राजस्व नुकसान हुआ, बल्कि खनन नियमों और पर्यावरण मानकों का भी खुला उल्लंघन किया गया। ईडी की इस कार्रवाई को अवैध खनन माफिया पर शिकंजा कसने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।