सावित्री ठाकुर ने CSOCD 64वें सत्र में भारत का सामाजिक विकास दृष्टिकोण प्रस्तुत किया

Tue 03-Feb-2026,01:58 PM IST +05:30

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सावित्री ठाकुर ने CSOCD 64वें सत्र में भारत का सामाजिक विकास दृष्टिकोण प्रस्तुत किया India-Social-Development-CSOCD-64th-Session-Savitri-Thakur
  • भारत ने वैश्विक स्तर पर बहुपक्षीय सहयोग और दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर जोर देते हुए सामाजिक विकास मॉडलों में प्रगति बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

  • महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और वित्तीय समावेशन की प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का विवरण प्रस्तुत किया।

Delhi / Delhi :

Delhi/ महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सामाजिक विकास आयोग (CSOCD) के 64वें सत्र में हिस्सा लिया। इस सत्र में भारत ने समावेशी और अधिकार-आधारित सामाजिक विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। श्रीमती ठाकुर ने "सबका साथ, सबका विकास" के मार्गदर्शक सिद्धांत के तहत भारत की प्रमुख राष्ट्रीय पहलों और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक स्तर पर बहुपक्षीय सहयोग और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को भी महत्व देने की बात कही।

भारत ने सामाजिक विकास के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को 64वें CSOCD सत्र में प्रस्तुत किया। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने राष्ट्रीय वक्तव्य देते हुए कहा कि भारत में सामाजिक न्याय और सामाजिक संरक्षण संवैधानिक गारंटियों पर आधारित हैं और दीर्घकालिक दृष्टिकोण “विकसित भारत 2047” के अनुरूप है। उन्होंने समावेशिता, व्यापकता और अंतिम सिरे तक वितरण सुनिश्चित करने वाले प्रमुख कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण दिया।

श्रीमती ठाकुर ने कहा कि दूरदराज क्षेत्रों में बेहतर विद्यालय बुनियादी ढांचा और आवासीय शिक्षा के माध्यम से लड़कियों और लड़कों की शिक्षा में समान भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। पाइप द्वारा पेयजल, स्वच्छ खाना पकाने की ऊर्जा और स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार से महिलाओं और कमजोर समुदायों को महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का जिक्र किया, जिसमें लाखों महिलाओं ने उद्यमिता और ऋण योजनाओं का लाभ लिया है।

राज्य मंत्री ने महिलाओं और बच्चों के लिए समर्पित हेल्पलाइन और एकीकृत सेवा केंद्रों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और असंगठित श्रमिकों के लिए लक्षित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने के प्रयासों को भी साझा किया।

श्रीमती ठाकुर ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक और बहुपक्षीय प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता है। भारत ने सामाजिक विकास मॉडलों पर प्रगति में तेजी लाने के लिए दक्षिण-दक्षिण सहयोग और क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया।

सत्र की अध्यक्षता संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत क्रिस्टीना हायोविशन ने की। संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे मोहम्मद, महासभा की अध्यक्ष अन्नालेना बेरबॉक, ईकोसोका अध्यक्ष और नेपाल के स्थायी प्रतिनिधि लोकबहादुर थापा, DESA नीति समन्वय सलाहकार ब्योर्ग सैंडकेयर और सामाजिक विकास पर एनजीओ समिति की अध्यक्ष जिलियन डिसूजा-नाजारेथ ने सत्र को संबोधित किया। 100 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने सत्र में भाग लिया और भारत की प्रस्तुतियों की सराहना की।भारत का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर समावेशी और अधिकार-आधारित सामाजिक विकास के क्षेत्र में अपने मजबूत योगदान को उजागर करने में सफल रहा।