ईरान संकट का असर: बासमती चावल के दाम गिरे

Tue 13-Jan-2026,05:02 PM IST +05:30

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ईरान संकट का असर: बासमती चावल के दाम गिरे Iran-Crisis-Impact-Indian-Basmati-Rice-Prices
  • ईरान में राजनीतिक संकट के चलते भारतीय बासमती चावल के दाम एक सप्ताह में 5 से 7 रुपये प्रति किलो तक गिर गए।

  • भुगतान में देरी और सप्लाई चेन बाधित होने से निर्यातकों के लिए व्यापारिक जोखिम बढ़ा, खासकर 1121 और सेला किस्मों में।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ ईरान में जारी राजनीतिक अस्थिरता और आंतरिक तनाव का असर अब भारतीय कृषि निर्यात पर साफ दिखाई देने लगा है। खासतौर पर बासमती चावल के कारोबार में बीते एक सप्ताह के दौरान घरेलू बाजार में 5 से 7 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है। निर्यात में बाधा, भुगतान में देरी और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय जोखिमों ने भारतीय निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी है।

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) के अनुसार, ईरान लंबे समय से भारतीय बासमती चावल का प्रमुख आयातक रहा है। लेकिन मौजूदा हालात में वहां व्यापारिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। नागरिक अशांति और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण सप्लाई चेन बाधित हो रही है, वहीं भुगतान प्रक्रिया भी धीमी पड़ गई है। इससे भारतीय निर्यातकों को समय पर भुगतान मिलने में जोखिम बढ़ गया है।

फेडरेशन ने बताया कि हालिया गिरावट का असर बासमती चावल की कई प्रमुख किस्मों पर पड़ा है। इनमें 1121 बासमती, 1121 सेला, 1509, 1718 और 1401 किस्में शामिल हैं। वर्तमान में 1121 बासमती चावल की कीमत घटकर करीब 80 रुपये प्रति किलो और 1121 सेला की कीमत लगभग 75 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है। अन्य किस्मों में भी 5 से 7 रुपये प्रति किलो तक की नरमी दर्ज की गई है, जिससे व्यापारियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ गया है।

निर्यातकों की चिंता उस समय और बढ़ गई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की। हालांकि IREF का मानना है कि इसका सीधा और तत्काल प्रभाव अमेरिका को होने वाले भारतीय बासमती चावल के निर्यात पर सीमित रहेगा, लेकिन वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता जरूर बढ़ेगी। IREF के उपाध्यक्ष देव गर्ग के अनुसार, ईरान में मौजूदा हालात के कारण खरीदारों का भरोसा कमजोर हुआ है और भुगतान जोखिम लगातार बढ़ रहा है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आने वाले हफ्तों में कीमतों पर और दबाव बन सकता है।

आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से नवंबर की अवधि में भारत ने ईरान को लगभग 4.68 अरब डॉलर मूल्य का बासमती चावल निर्यात किया, जिसकी कुल मात्रा करीब 5.98 लाख टन रही। यही वजह है कि ईरान में आई अस्थिरता का प्रभाव भारतीय बाजार पर तेजी से पड़ा है। फेडरेशन ने निर्यातकों को सलाह दी है कि वे ईरान पर अत्यधिक निर्भरता कम करें और पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप जैसे वैकल्पिक बाजारों की तलाश करें। साथ ही सुरक्षित भुगतान प्रणालियों को अपनाने और केवल एक देश केंद्रित स्टॉक पर अधिक जोखिम न लेने की भी चेतावनी दी गई है।