भागीरथपुरा मौतों का कारण दूषित पानी, लैब रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
indore bhagirathpura contaminated water deaths report
जांच में पुलिस चौकी के नीचे से गुजरने वाली पाइपलाइन से गंदे पानी की सप्लाई का खुलासा हुआ।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने चार मौतों की पुष्टि की, प्रशासन ने जल आपूर्ति का माइक्रो ऑब्जर्वेशन शुरू किया।
Madhya Pradesh/ इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हाल ही में हुई मौतों के मामले में जांच के बाद बड़ा और गंभीर खुलासा हुआ है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि इन मौतों की मुख्य वजह दूषित पेयजल था। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में किए गए पानी के नमूनों की जांच में यह पुष्टि हुई है कि इलाके में सप्लाई किया जा रहा पानी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक था।
स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त कल्चर रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि पेयजल में हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद थे। यही पानी लोग पीने के साथ-साथ घरेलू उपयोग में भी ले रहे थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े। गंभीर रूप से बीमार कुछ मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
इस मामले को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पहले ही जल आपूर्ति व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद उनकी आशंका सही साबित हुई है। मंत्री ने कहा कि यह लापरवाही गंभीर है और पूरे मामले की गहन समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जांच में यह भी सामने आया है कि भागीरथपुरा पुलिस चौकी के नीचे से गुजरने वाली पाइपलाइन से दूषित पानी की सप्लाई हो रही थी। इसी पाइपलाइन को संदिग्ध मानते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की जल आपूर्ति व्यवस्था का माइक्रो ऑब्जर्वेशन शुरू कर दिया है। पाइपलाइन लीकेज, क्रॉस कनेक्शन और तकनीकी खामियों की बारीकी से जांच की जा रही है।
इधर, जिला कलेक्टर शिवम वर्मा ने चार लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच और लैब रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है कि इन मौतों का सीधा संबंध दूषित पानी से है। अस्पतालों में भर्ती अन्य मरीजों की भी कड़ी निगरानी की जा रही है और क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।