टी20 के चमकते सितारे सूर्यकुमार यादव ने मानी सच्चाई, बोले, वनडे क्रिकेट मेरे खेल के अनुकूल नहीं
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Suryakumar Yadav Interview
सूर्यकुमार यादव ने वनडे फॉर्मेट को बताया चुनौतीपूर्ण.
टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और रिकॉर्ड.
विशेषज्ञों ने उन्हें टी20 का स्पेशलिस्ट खिलाड़ी माना.
Mumbai / भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक बल्लेबाज और टी20 प्रारूप के सफल कप्तान Suryakumar Yadav ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने वनडे करियर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि सीमित ओवरों के इस 50 ओवर वाले प्रारूप में वे खुद को पूरी तरह सहज महसूस नहीं कर पाए। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन यह फॉर्मेट उनके खेलने की शैली के अनुकूल नहीं रहा। उनका यह बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि टी20 में शानदार प्रदर्शन करने वाले इस बल्लेबाज को आधुनिक क्रिकेट के सबसे आक्रामक खिलाड़ियों में गिना जाता है।
सूर्यकुमार यादव ने बातचीत के दौरान कहा कि टी20 क्रिकेट में उनका खेल पूरी तरह सेट है और वे इस फॉर्मेट की गति और आक्रामकता के साथ आसानी से तालमेल बैठा लेते हैं। लेकिन वनडे क्रिकेट उन्हें हमेशा थोड़ा जटिल और चुनौतीपूर्ण लगा। उन्होंने बताया कि टी20 में बल्लेबाज को स्पष्ट रणनीति के साथ तेजी से रन बनाने होते हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में हर स्थिति के अनुसार खेल बदलना पड़ता है। कभी पारी की शुरुआत में तेजी से रन बनाने होते हैं, तो कभी शुरुआती विकेट गिरने पर बल्लेबाज को टेस्ट क्रिकेट की तरह धैर्य के साथ क्रीज पर टिककर खेलना पड़ता है। इसके बाद आखिरी ओवरों में फिर से तेज रन गति के साथ पारी को खत्म करना होता है। उन्होंने कहा कि इन तीन अलग-अलग भूमिकाओं के बीच संतुलन बनाना उनके लिए आसान नहीं रहा।
भारतीय क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव को उनकी अनोखी बल्लेबाजी शैली और मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और 360 डिग्री शॉट खेलने की कला ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। इसी वजह से वे इस फॉर्मेट में भारत के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। हालांकि वनडे क्रिकेट में उन्हें वह निरंतरता नहीं मिल सकी जिसकी उम्मीद की जा रही थी। कई मैचों में उन्होंने अच्छी शुरुआत की, लेकिन बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके।
अगर उनके वनडे आंकड़ों पर नजर डालें तो यह बात साफ दिखाई देती है। सूर्यकुमार यादव ने अब तक 37 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 25.76 की औसत से 773 रन बनाए हैं। इस दौरान वे केवल चार अर्धशतक ही लगा सके। एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में यह प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं माना गया। दूसरी ओर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार है। उन्होंने 113 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 36 से अधिक की औसत से 3272 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से चार शतक भी निकले हैं, जो इस प्रारूप में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रमाण हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में हर खिलाड़ी की अपनी एक विशेषता होती है और सभी खिलाड़ी हर प्रारूप में समान रूप से सफल नहीं हो पाते। सूर्यकुमार यादव का उदाहरण भी इसी बात को दर्शाता है। उन्होंने टी20 क्रिकेट में जिस तरह की पहचान बनाई है, वह बहुत कम खिलाड़ियों को हासिल होती है। उनकी बल्लेबाजी शैली, तेज रन बनाने की क्षमता और कठिन परिस्थितियों में भी आक्रामक खेल दिखाने की क्षमता उन्हें टी20 क्रिकेट का विशेषज्ञ बनाती है।
क्रिकेट विश्लेषकों का यह भी मानना है कि किसी खिलाड़ी के लिए अपनी ताकत और सीमाओं को पहचानना ही उसकी परिपक्वता का संकेत होता है। सूर्यकुमार यादव का यह स्वीकार करना कि वनडे क्रिकेट उनके लिए सहज नहीं रहा, उनकी ईमानदारी और आत्मविश्लेषण को दर्शाता है। फिलहाल वे टी20 क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बने हुए हैं और इस प्रारूप में उनसे भविष्य में भी कई शानदार पारियों की उम्मीद की जा रही है। उनकी बल्लेबाजी शैली और आत्मविश्वास भारतीय टी20 टीम के लिए एक बड़ी ताकत मानी जाती है।