ओडिशा में क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस का बड़ा एक्शन

Tue 17-Mar-2026,04:03 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

ओडिशा में क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस का बड़ा एक्शन Congress-MLA-Suspension-Odisha-Cross-Voting
  • निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन में वोट करने वाले विधायकों पर 10वीं अनुसूची के तहत सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की तैयारी से राजनीतिक हलचल तेज हुई।

  • हरियाणा और बिहार में भी क्रॉस वोटिंग की जांच से कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक अनुशासन और नियंत्रण को सख्ती से लागू करने के संकेत दिए।

Odisha / Bhubaneshwar :

ODISHA/ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद ओडिशा में कड़ा रुख अपनाते हुए तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कदम को आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूत और अनुशासित रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

निलंबित किए गए विधायकों में रमेश चंद्र जेना, दसरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस शामिल हैं। इन तीनों ने पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ जाकर निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में मतदान किया। यह कदम पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस ने इस सीट पर अन्य दल के उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया था।

पार्टी अब केवल निलंबन तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इन विधायकों की विधानसभा सदस्यता समाप्त कराने की भी तैयारी कर रही है। इसके लिए कांग्रेस संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस भेजेगी। प्रदेश अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इसे पार्टी के साथ सीधा विश्वासघात बताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी पार्टी अनुशासन को नजरअंदाज न करे।

इस राज्यसभा चुनाव में बीजू जनता दल को भी क्रॉस वोटिंग का खामियाजा भुगतना पड़ा। पार्टी के आठ विधायकों ने आधिकारिक लाइन से हटकर मतदान किया, जिससे उसके उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस ने इस सीट पर बीजेडी उम्मीदवार का समर्थन किया था, लेकिन क्रॉस वोटिंग ने पूरा समीकरण बदल दिया।

कांग्रेस अब इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए अन्य राज्यों में भी अपने विधायकों की गतिविधियों की जांच कर रही है। हरियाणा और बिहार में भी क्रॉस वोटिंग के संकेत मिले हैं, जिसके चलते पार्टी नेतृत्व सतर्क हो गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि वहां भी अनुशासनहीनता के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम विपक्षी दलों के भीतर समन्वय और अनुशासन की चुनौतियों को उजागर करता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस स्थिति को कैसे संभालती है और संगठनात्मक मजबूती के लिए क्या कदम उठाती है।